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गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में नवाचार और कौशल विकास पर द्वितीय गोलमेज वार्ता का आयोजन

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में नवाचार और कौशल विकास पर द्वितीय गोलमेज वार्ता का आयोजन

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आज “नवाचार और कौशल अंतर को पाटने” पर द्वितीय राउंड टेबल चर्चा का सफल आयोजन हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन की अध्यक्षता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू जी सी ) के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एम. जगदेश कुमार ने की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह ने की।
कार्यक्रम में 34 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों और शिक्षाविदों ने अपने विचारों को प्रकट किया साथ ही 100 से अधिक के विश्वविद्यालय शिक्षक इस कार्यक्रम में मौजूद थे । चर्चा को तीन दृष्टिकोणों – सरकारी, अकादमिक और औद्योगिक – में विभाजित किया गया, जिससे समग्र संवाद सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य अतिथि प्रो. एम. जगदेश कुमार ने नीतिनिर्माताओं, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच आपसी विश्वास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि “स्थायी विकास, और नवाचार के लिए तीनों क्षेत्रों के बीच विश्वास, संचार और सहयोग अनिवार्य है।”
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “आज की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता उन्हीं संस्थानों को मिलेगी जो शिक्षा, उद्योग और शासन के बीच सेतु का कार्य करेंगे। इस राउंड टेबल चर्चा का उद्देश्य केवल संवाद नहीं, बल्कि व्यावहारिक समाधान और नीतिगत पहल की दिशा में ठोस कदम उठाना है।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस प्रकार के मंचों के माध्यम से कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।
नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एन आई एफ ) से डॉ. विपिन कुमार ने तकनीकी महत्वपूर्ण खोजों के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं शिक्षा मंत्रालय के डॉ. एस. सी. पांडे और डॉ. जितेन्द्र कुमार, बी आई आर ए सी (डी बी टी ) ने सरकारी योजनाओं की जागरूकता और उनके पूर्ण लाभ को प्राप्त करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. हरप्रीत सिंह (आईसीएमआर), ने जमीनी स्तर पर केंद्रित दृष्टिकोण और स्थानीय समस्याओं के लिए केंद्रीकृत समाधान को आवश्यक बताया। प्रो. संजय मल्होत्रा और डॉ. शिवानी कुमार (ओ एच एस यू , यू एस ए ) ने एक उपयुक्त टीम निर्माण के महत्व को रेखांकित किया।
बायोटेक्नोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. बिनय आर. पांडा ने ‘3P समाधान’ (पीपल , पालिसी , प्रोसेस ) का सुझाव दिया, जो किसी भी समस्या के पूर्ण समाधान हेतु एक समन्वित रणनीति है।
यह संगोष्ठी गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, NIF-DST एवं BIRAC-DBT भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य उद्योग, शिक्षा और शासन के मध्य सहयोग के माध्यम से युवाओं के कौशल विकास की दिशा में ठोस पहल करना था। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. शक्ति सही ने प्रभावी ढंग से किया।

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