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]]>1. “मदर ऑन व्हील्स” पहल के ध्वजारोहण समारोह का आयोजन आज मुख्यमंत्री कार्यालय, दिल्ली में हुआ।
2. “मदर ऑन व्हील्स” का भव्य ध्वजारोहण: मातृत्व, आत्मनिर्भरता और साहस की ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ
आज दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय में “मदर ऑन व्हील्स” पहल के ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने उन पाँच प्रेरणादायक माताओं की उल्लेखनीय यात्रा का जश्न मनाया, जो भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया और फिर ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूज़ीलैंड तक एक स्व-चालित कार अभियान पर निकल रही हैं। यह पहल दुनिया भर की माताओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
“मदर ऑन व्हील्स” एक पहल है जिसे फाउंडेशन फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट (FHD) द्वारा शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रा के माध्यम से माताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को समझना और इस विषय पर जागरूकता बढ़ाना है कि कैसे माताएँ बच्चों को नैतिक मूल्यों के साथ बड़ा करने में योगदान देती हैं। यह पहल यह भी दर्शाती है कि माँ का प्रभाव किसी भी बच्चे के समग्र विकास में कितना महत्वपूर्ण होता है।
इस भव्य आयोजन में दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री, श्रीमती रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। साथ ही पद्म भूषण सम्मानित, श्रीमती सोनल मानसिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रही थीं। गलगोटियास विश्वविद्यालय के सीईओ, डॉ. ध्रुव गलगोटिया इस पहल के प्रमुख ज्ञान साझेदार (Chief Knowledge Partner) के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान, डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने “मदर ऑन व्हील्स” पहल के महत्व पर एक प्रभावशाली भाषण दिया। जिसमें उन्होंने इस पहल को महिलाओं को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सार्थक योगदान दे सकें।
डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, “यह यात्रा केवल एक सड़क यात्रा नहीं है—बल्कि यह आत्मनिर्भरता और साहस का प्रतीक है। यह हमें याद दिलाती है कि मातृत्व की भूमिका सार्वभौमिक है, जो संस्कृतियों, भौगोलिक सीमाओं और पीढ़ियों से परे है। ये पाँच माताएँ अपने साहसी कदमों के माध्यम से एक सशक्त संदेश दे रही हैं: जब जुनून, धैर्य और उद्देश्य एक साथ आते हैं, तो कुछ भी असंभव नहीं होता।”
साथ साथ हम आपको बताते चलें कि अभी हाल ही में गलगोटिया विश्वविद्यालय और मदर्स ऑन व्हील दिल्ली ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर अपने हस्ताक्षर किये हैं। इस एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में श्रीमती माधुरी सहस्रबुद्धे, एफएचडी की संस्थापक सदस्य और हस्ताक्षर प्राधिकारी, श्रीमती शीतल देशपांडे (एफएचडी) गवाह के रूप में, तथा अन्य टीम सदस्यों के साथ उपस्थित रहीं। गलगोटिया विश्वविद्यालय के प्रो० अवधेश कुमार, प्रो-वाइस चांसलर ने हस्ताक्षर प्राधिकारी के रूप में भाग लिया, जबकि डॉ. अमृता त्यागी ने समन्वयक की भूमिका निभाई और विनिता विश्वकर्मा, अतिरिक्त डीन (अनुसंधान), गलगोटियास विश्वविद्यालय, गवाह के रूप में उपस्थित रहीं।
यह समझौता अकादमिक और अनुसंधान सहयोग से जुड़ी परियोजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए किया गया है, जो दोनों पक्षों के आपसी हित में हैं।
GU और मदर्स ऑन व्हील्स के बीच नई कौशल विकास पहल, अनुसंधान सहयोग, विनिमय कार्यक्रम तथा अन्य परस्पर लाभकारी गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
मदर्स ऑन व्हील्स, सामाजिक विज्ञान के छात्रों के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम, करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम (CDP) और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करेगा, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके। इस द्विपक्षीय समझौते में
आज के इस कार्यक्रम में
विशिष्ट अतिथि श्रीमती सोनल मानसिंह ने अपने संबोधन में इस पहल की सराहना की और लैंगिक समानता प्राप्त करने में सांस्कृतिक और सामाजिक सशक्तिकरण की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि गतिशीलता (Mobility) कैसे जीवन को बदल सकती है, महिलाओं को बाधाएँ तोड़ने और समाज में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम बना सकती है।”
दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री, श्रीमती रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में इस प्रकार की पहलों के प्रति सरकार के समर्थन को दोहराया और राष्ट्र निर्माण में माताओं की भूमिका के महत्व को रेखांकित किया।
नेशनल एजुकेशनल टेक्नोलॉजी फोरम के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे ने मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों को प्रेम और सम्मान के प्रतीक स्वरूप शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
मदर्स इन व्हील्स की संस्थापक, मधुरी सहस्रबुद्धे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम का समापन माननीय मुख्यमंत्री, श्रीमती रेखा गुप्ता, पद्म भूषण सम्मानित श्रीमती सोनल मानसिंह, और गलगोटियास विश्वविद्यालय के सीईओ, डॉ. ध्रुव गलगोटिया द्वारा प्रतीकात्मक ध्वजारोहण (Flag Off) के साथ हुआ, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की इस नई यात्रा की शुरुआत को चिह्नित करता है।
भगवत प्रसाद शर्मा
पीआरओ/मीडिया कार्यकारी
गलगोटियास विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
संपर्क: 9582782750
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]]>The post किड्स फाउंडेशन स्कूल ने अपना पहला वार्षिक दिवस “आग़ाज़ ” आज कैम्ब्रिज स्कूल ऑडिटोरियम में “रिलेशनशिप” थीम के साथ मनाया appeared first on Bharat Vandan News.
]]>किड्स फाउंडेशन स्कूल ने अपना पहला वार्षिक दिवस “आग़ाज़ ” आज कैम्ब्रिज स्कूल ऑडिटोरियम में “रिलेशनशिप” थीम के साथ मनाया। इस वार्षिक दिवस समारोह में अभिभावकों सहित अनेक शिक्षाविदों और गणमान्य व्यक्तियों की एक अद्भुत और प्रभावशाली उपस्थिति ने कार्यक्रम को चार चाँद लगा दिये।
मुख्य अतिथि श्री अनादि बरूआ सहित पूर्व हेड कोच भारतीय अंतरराष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों सहित कैम्ब्रिज स्कूल की हेड मिस्ट्रेस श्रीमती रश्मि भारद्वाज भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वन्दना और मुख्य अतिथि श्री अनादि बरूआ और किड्स फाउंडेशन स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती पामिला और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
श्रीमती पामिला ने औपचारिक रूप से अतिथियों का स्वागत किया और अपना मंत्रमुग्ध कर देने वाला स्वागत भाषण दिया। उन्होंने अपने भाषण में, किड्स फाउंडेशन स्कूल के आरंभ से लेकर आज तक की प्रगति के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि कैसे स्कूल ने प्रगति के अलावा माता-पिता का दिल भी जीत लिया और कैसे इस वार्षिक दिवस समारोह की शुरुआत की गयी।
मुख्य अतिथि अनादि बरूआ ने अपने संबोधन में किड्स फाउंडेशन स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती पामिला और स्कूल के स्टाफ के सदस्यों की शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन सेवाओं के लिये उनकी बहुत-बहुत प्रशंसा की। उन्होंने छात्रों के भविष्य को आकार देने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका, उनकी कर्तव्यपरायणता और उनके कठिन परिश्रम की सराहना की। उन्होंने शिक्षा, खेलों के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की।
सम्मानित अतिथि श्रीमति रश्मि भारद्वाज ने किड्स फाउंडेशन स्कूल को बच्चों के शिक्षा क्षेत्र में उनके अद्भुत कार्य के लिए किड्स फाउंडेशन टीम को बधाई दी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम तो देखने वालों के लिए अपने आप में एक तोहफा था। नन्हे मुन्ने बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुति और ऊर्जा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्कूल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन में समृद्ध संगीत के साथ वेशभूषा में तदनुसार, नृत्य प्रदर्शन का मंचन थीम के अनुसार किया ।, मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा डायलॉग बोलना था जिसका मंचन छोटे बच्चों द्वारा किया गया । कराटे शो में बच्चों का हुनर नजर आया। सही मायनों में यह एक ऐसा आनंददायक कार्यक्रम था जिसने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित सभी के हृदय को द्रवित कर दिया। बड़ी संख्या में एकत्रित उत्साही माता-पिता ने लगातार छोटे छोटे बच्चों की सराहना तालियों की गड़गड़ाहट से की।
सभी उपस्थित लोगों को स्कूल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान के हर्षोल्लास के साथ इस अद्भुत कार्यक्रम का समापन हुआ।
अभिभावकों के लिए स्कूल की ओर से दोपहर के स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गयी। एक ऐसा अद्भुत आयोजन, जिसमें शामिल हुए सभी लोगों के चेहरे पर हमेशा मुस्कान आएगी जब भी वो लोग इसे याद करेंगे।
किड्स फाउंडेशन स्कूल
श्रीमती पामिला
(प्रिंसिपल)
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]]>गालगोटियास कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग और कम्युनिकेशन पर आईसीआरटीआईसीसी-2025” अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन।
20 फरवरी 2025, ग्रेटर नोएडा:
गालगोटियास कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (GCET), ग्रेटर नोएडा में कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित “इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग और कम्युनिकेशन में हालिया प्रवृत्तियाँ (ICRTICC-2025)” पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक उद्घाटन हुआ। यह सम्मेलन CRC प्रेस, टेलर एंड फ्रांसिस समूह द्वारा प्रायोजित है और SCOPUS में सूचीबद्ध होगा।
इस अवसर पर प्रोफेसर (डॉ.) विक्रम बाली, GCET के निदेशक ने सभी अतिथियों, मुख्य वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके बाद सम्मेलन के विषय पर प्रोफेसर (डॉ.) पुष्पा चौधरी, कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख और एलाइड स्पेशलाइज्ड ब्रांचेस (कन्वीनर और सम्मेलन आयोजन अध्यक्ष) ने जानकारी दी। डॉ. पुष्पा ने बताया कि कुल 900 शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से 285 शोध पत्र स्वीकार किए गए हैं।
गालगोटियास विश्वविद्यालय के
चांसलर सुनील गलगोटिया ने सम्मेलन के उद्घाटन पर कहा,
“यह हमारे लिए गर्व का क्षण है कि गालगोटियास विश्वविद्यालय में इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। ICRTICC-2025 जैसा सम्मेलन जो इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग और कम्युनिकेशन जैसी उभरती तकनीकों पर केंद्रित है, हमारे विश्वविद्यालय के तकनीकी और शैक्षणिक दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करता है।
गालगोटियास विश्वविद्यालय के CEO, डॉ. ध्रुव गालगोटिया ने कहा,
“गालगोटिया विश्वविद्यालय हमेशा से शैक्षणिक उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार के लिए प्रतिबद्ध रहा है। ICRTICC-2025 सम्मेलन का आयोजन इसका प्रमाण है कि हम अपनी शोध क्षमता, नवीनतम तकनीकी विकास और शिक्षण पद्धतियों में लगातार सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस सम्मेलन में दुनियाभर से विशेषज्ञ और शोधकर्ता एकत्रित हुए हैं, जो हमारे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होंगे। तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के बारे में जानकर हमें गर्व है कि गालगोटियास विश्वविद्यालय इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
सम्मेलन में प्रमुख वक्ताओं द्वारा महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए। इनमें प्रोफेसर (डॉ.) अवधेश कुमार, प्रो वाइस चांसलर, गालगोटियास विश्वविद्यालय, प्रोफेसर (डॉ.) के. मलिकर्जुना बाबू, वाइस चांसलर, गालगोटियास विश्वविद्यालय विशेष रूप से उपस्थित रहे। सम्मानित अतिथि डॉ. देव प्रकाश विद्यार्थी, प्रोफेसर, जेएनयू दिल्ली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) और सुपर इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों पर प्रकाश डाला। डॉ. विक्रांत सिंह, जॉइंट डायरेक्टर, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार ने AI और डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग पर अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) M. N. डोजा, जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रोफेसर और पूर्व निदेशक, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), सोनीपत ने प्रतिभागियों को ज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उद्घाटन के बाद प्रमुख वक्ताओं ने इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग, एज कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, और क्लाउड सुरक्षा पर विचार साझा किए। सम्मेलन के दौरान विभिन्न समानांतर तकनीकी सत्रों का आयोजन भी किया गया, जिनमें शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को अपने शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इन सत्रों ने उभरती तकनीकों पर सहयोग और विचार-विमर्श को प्रोत्साहित किया। सम्मेलन में विभाग के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे, जिनमें डॉ. पलवी, श्रीमती रितु दीवान, डॉ. अरविंद कुशवाहा, डॉ. रामवीर सिंह, डॉ. साची गुप्ता, और श्रीमती करिश्मा अरोड़ा शामिल थे।
सम्मेलन का समापन GCET के प्रबंधन, अधिकारियों, आयोजन समिति और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह सम्मेलन तकनीकी और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
भगवत प्रसाद शर्मा
पीआरओ/मीडिया कार्यकारी
गलगोटियास विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
संपर्क: 9582782750
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]]>The post नवीन अत्याधुनिक पुस्तकालय भवन का उद्घाटन: गलगोटियास विश्वविद्यालय में शिक्षा और प्रौद्योगिकी के भविष्य की ओर एक नया कदम। appeared first on Bharat Vandan News.
]]>नवीन अत्याधुनिक पुस्तकालय भवन का उद्घाटन: गलगोटियास विश्वविद्यालय में शिक्षा और प्रौद्योगिकी के भविष्य की ओर एक नया कदम।
आज से एक नए युग की शुरुआत हो रही है, क्योंकि गलगोटिया विश्वविद्यालय बहुत ही गर्व के साथ अपने अत्याधुनिक पुस्तकालय भवन के उद्घाटन की घोषणा कर रहा है। यह पुस्तकालय ज्ञान, सहयोग और तकनीकी प्रगति का केंद्र बनने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जहां पारंपरिक शिक्षा को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग (ML) और बिग डेटा के साथ जोड़ा गया है। यह एक अनूठा स्थान होगा जो शोध, खोज और शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देगा।
विश्व-स्तरीय शिक्षण वातावरण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नया पुस्तकालय भवन विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो छात्रों को एक विश्व स्तरीय शिक्षण वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसमें आधुनिक बुनियादी ढांचा, समूह कार्य के लिए समर्पित स्थान, मल्टीमीडिया लर्निंग सुविधाएँ और व्यक्तिगत अध्ययन के लिए शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध है। साथ ही, यह उन नवीनतम तकनीकों को भी अपनाता है जो शिक्षा के भविष्य को आकार दे रही हैं।
अत्याधुनिक सुविधाएँः
यह पुस्तकालय केवल किताबें पढ़ने का स्थान नहीं है, बल्कि एक गतिशील सीखने और ज्ञान प्राप्ति का केंद्र है। यह विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है और छात्रों को डिजिटल मीडिया, अभिलेखों (आर्काइव्स) और व्यापक ऑनलाइन संसाधनों तक पहुंच प्रदान करता है। इसकी वास्तुकला में सौंदर्य और कार्यक्षमता का शानदार संयोजन किया गया है, जिससे यह छात्रों, संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं के लिए एक प्रेरणादायक और आरामदायक स्थान है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और बिग डेटा: भविष्य की दिशा में एक कदम, नए पुस्तकालय की सबसे अनोखी विशेषता इसकी AI, ML और बिग डेटा के साथ एकीकृत तकनीकी संरचना है। यह पुस्तकालय विशेषीकृत डेटा साइंस लैब्स, AI-संचालित अनुसंधान सहायता और मशीन लर्निंग संसाधनों से सुसज्जित है, जो छात्रों और शोधकर्ताओं को नवीनतम तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने में सक्षम है।
यह पुस्तकालय तकनीकी, इंजीनियरिंग, व्यवसाय, वित्त और वाणिज्य, लिबरल एजुकेशन, कृषि, चिकित्सा और संबद्ध विज्ञान सहित कई क्षेत्रों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और विशेषज्ञता बढ़ाने का एक अनमोल अवसर भी प्रदान करेगा।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुनील गलगोटिया ने कहा,
“हमें यह अत्याधुनिक पुस्तकालय खोलने की अपार खुशी है, जो न केवल पारंपरिक शिक्षा के लिए एक स्थान है बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बिग डेटा के क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए एक मार्गदर्शक केंद्र भी है। यह सुविधा छात्रों और शोधकर्ताओं को ज्ञान और प्रौद्योगिकी की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बनाएगी, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार हो सकें।”
विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि “नया पुस्तकालय भवन परंपरा और प्रौद्योगिकी के संगम का प्रतीक है। हम न केवल ज्ञान की प्यास को संतुष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे छात्र और संकाय सदस्य एक डिजिटल-प्रथम दुनिया में सफल होने के लिए पूरी तरह से तैयार हों, जहां AI और बिग डेटा प्रमुख भूमिका निभाते हैं।”
विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष और उनकी टीम इस पुस्तकालय को छात्रों और संकाय के लिए सर्वश्रेष्ठ संसाधन और प्रौद्योगिकियाँ प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। यह नई सुविधा विश्वविद्यालय को आधुनिक शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अग्रणी बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है।
रीडिंग लाउंज क्षेत्र: अध्ययन और विश्राम का आदर्श स्थान
नया रीडिंग लाउंज एक शांतिपूर्ण स्थान है, जहां आगंतुक पढ़ने, आराम करने और चिंतन करने का आनंद ले सकते हैं। यह एक बहुउद्देश्यीय क्षेत्र है, जो विद्यार्थियों को एक शांत और आकर्षक वातावरण में अध्ययन करने का अवसर प्रदान करता है।
रीडिंग लाउंज की प्रमुख विशेषताएँ:
आरामदायक बैठने की सुविधा: इस क्षेत्र को सुविधाजनक कुर्सियों, सोफों और रीडिंग पॉड्स से सजाया गया है, ताकि उपयोगकर्ता लंबे समय तक आराम से पढ़ाई कर सकें।
शांत और सुकूनदायक माहौल: प्राकृतिक तत्वों जैसे हरे-भरे पौधों, मधुर संगीत और बड़ी खिड़कियों को शामिल किया गया है, जिससे एक शांत और प्रेरणादायक वातावरण तैयार किया गया है।
समूह अध्ययन और चर्चा के लिए स्थान: व्यक्तिगत अध्ययन क्षेत्रों के अलावा, यहाँ पुस्तक चर्चा और अध्ययन समूहों के लिए विशेष स्थान भी उपलब्ध हैं।
डिजिटल और प्रिंट संसाधनों की सुविधा: ई-बुक्स और ऑडियोबुक्स तक पहुंच के लिए चार्जिंग स्टेशन और टैबलेट्स की सुविधा भी है, जबकि पारंपरिक पुस्तक प्रेमियों के लिए मुद्रित पुस्तकों का एक समृद्ध संग्रह भी मौजूद है।
नया पुस्तकालय भवन गलगोटियास विश्वविद्यालय की शिक्षा, शोध और नवाचार में अग्रणी बनने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह न केवल वर्तमान छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करेगा। यह सुविधा शिक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांति लाने का एक प्रमुख कदम है, जिससे विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा और शोध में सबसे आगे बना रहेगा।
भगवत प्रसाद शर्मा
पीआरओ/मीडिया कार्यकारी
गलगोटियास विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
संपर्क: 9582782750
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]]>The post आज (भारत सरकार) के राज्यसभा सांसद माननीय एम. थंबीदुरई ने गलगोटियास विश्वविद्यालय का दौरा किया और विश्वविद्यालय की तकनीकी और शैक्षिक उत्कृष्टता की बहुत सराहना की। appeared first on Bharat Vandan News.
]]>1. आज (भारत सरकार) के राज्यसभा सांसद माननीय एम. थंबीदुरई ने गलगोटियास विश्वविद्यालय का दौरा किया और विश्वविद्यालय की तकनीकी और शैक्षिक उत्कृष्टता की बहुत सराहना की।
3. गलगोटियास विश्वविद्यालय उत्तर भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षा का प्रमुख केंद्र: माननीय एम. थंबीदुरई, राज्यसभा सांसद, (भारत सरकार)
उन्होंने विश्वविद्यालय को उत्तर भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षा का प्रमुख केंद्र बताया।
आज माननीय राज्य सभा साँसद एम. थंबीदुरई जब गलगोटिया विश्वविद्यालय पहुँचे तो उन्होंने अपने दौरे के दौरान गलगोटिया विश्वविद्यालय के कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा साइंस ब्लॉक का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने एआई अनुसंधान की नवीनतम प्रगति और इसके शैक्षिक प्रभाव का गहन अध्ययन किया। उन्होंने विशेष रूप से iOS लैब को देखकर विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक उद्योग-उन्मुख शिक्षण प्रणाली की बहुत बहुत प्रशंसा की।
उन्होंने जी-स्केल (G-Scale) पहल में गहरी रुचि व्यक्त की, जो शिक्षाविदों और उद्योग जगत के बीच की खाई को पाटने और व्यावहारिक शिक्षण को सशक्त बनाने का प्रयास है। उनके दौरे का एक मुख्य आकर्षण भारत के पहले एआई नॉलेज सेंटर की प्रस्तावित शुरुआत रही, जिसे 1 मार्च को लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने इस परियोजना को भारत में एआई आधारित शिक्षा और अनुसंधान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
माननीय राज्य सभा साँसद एम. थंबीदुरई ने गलगोटियास विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया के दूरदर्शी नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विश्वविद्यालय को भारत में कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे उन्नत और प्रमुख केंद्र बनाने में उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और उद्योग सहयोग में विश्वविद्यालय की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
अपने दौरे के अंत में, उन्होंने गलगोटिया विश्वविद्यालय की एआई, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और अकादमिक उत्कृष्टता से जुड़ी पहलों की विशेष सराहना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह विश्वविद्यालय छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है और भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों का वैश्विक नेता बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
भगवत प्रसाद शर्मा
पीआरओ/मीडिया कार्यकारी
गलगोटियास विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
संपर्क: 9582782750
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]]>The post गलगोटियास विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘फोरेंसिक अगोरा’ के सातवें संस्करण का भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। appeared first on Bharat Vandan News.
]]>1. गलगोटियास विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘फोरेंसिक अगोरा’ के सातवें संस्करण का भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।
2. फॉरेंसिक नवाचारों के साथ न्यायिक प्रणाली का सशक्तिकरण”:सुनील गलगोटिया चॉसलर गलगोटिया विश्वविद्यालय
यह सम्मेलन 08-09 फरवरी 2025 तक गलगोटियास विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया जा रहा है।
यह प्रतिष्ठित आयोजन विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों और विशेषज्ञों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिनमें आपराधिक जांच, विधि (कानूनी) अभ्यास, अनुसंधान और शिक्षाविद शामिल हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य वैज्ञानिक और कानूनी समुदाय को एक गतिशील मंच पर एकत्र करना है, जहाँ फॉरेंसिक विज्ञान और कानून के अंतर्संबंधों में हो रहे नवीनतम विकासों पर चर्चा की जाएगी।
दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में प्रतिभागी मुख्य व्याख्यान, आमंत्रित वार्ता, पैनल चर्चा, शोध पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचारों को साझा करेंगे। प्रतिष्ठित अतिथि वक्ता और विशेषज्ञ फॉरेंसिक विज्ञान, विधि और अंतःविषय अध्ययन के क्षेत्र में अपने शोध, अनुभव और दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देश-विदेश के फोरेंसिक विशेषज्ञ, कानून प्रवर्तन अधिकारी, विधि विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हुए।
गलगोटियास विश्वविद्यालय के सीईओ, डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, “फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार और शोध को बढ़ावा देने के लिए यह सम्मेलन एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को जोड़कर इस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करना है।”
विश्वविद्यालय के माननीय चॉसलर सुनील गलगोटिया ने कहा कि
“फॉरेंसिक विज्ञान न्याय प्रणाली का एक अभिन्न हिस्सा है, और इस क्षेत्र में नवीनतम शोध और तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। गलगोटिया विश्वविद्यालय इस प्रकार के सम्मेलनों के माध्यम से अकादमिक और व्यावसायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है। मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन प्रतिभागियों को नवाचार, अनुसंधान और न्यायिक विज्ञान की गहरी समझ प्रदान करेगा। सभी प्रतिभागियों को मेरी ओर से शुभकामनाएँ!”
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति, प्रो. (डॉ.) के. मल्लिकार्जुना बाबू ने अपने संबोधन में कहा, “हम शिक्षा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘फोरेंसिक अगोरा’ जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंच हमें नवीनतम खोजों और वैज्ञानिक दृष्टिकोणों से परिचित कराते हैं, जिससे फोरेंसिक विज्ञान को और अधिक समृद्ध किया जा सकता है।”
डीन, स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, प्रो० (डॉ.) अभिमन्यु कुमार झा ने बताया कि “फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में यह सम्मेलन न केवल अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करता है, बल्कि यह वैश्विक विशेषज्ञों को आपस में जुड़ने और ज्ञान साझा करने का अवसर भी देता है। मैं इस सम्मेलन के सभी प्रतिभागियों का स्वागत करता हूँ और आशा करता हूँ कि यह आयोजन उनके लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहेगा।”
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के फॉरेंसिक साइंस विभाग, स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ने फोरेंसिक एक्सपर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, शैरलोक इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक, शियंट टेक्नोलॉजी (नयी दिल्ली) किल्यु-4 एवीडैंस फोरेंसिक लैब बंगलौर के साथ उद्योग भागीदार की है।
और इन विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित किया है। जिसमें मुख्य रूप से फिलीपींस विश्वविद्यालय, होली एंगल यूनिवर्सिटी (फ़िलीपींस)
बगुइओ विश्वविद्यालय (फिलीपींस) और भारत में केंद्रीय डिटैक्टिव प्रशिक्षण संस्थान एमएचए (भारत सरकार), गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा, लखनऊ विश्वविद्यालय, इन्स्टिट्यूट ऑफ़ एक्सीलैंस हायर एजुकेशन (म.प्र), मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज, ओपी जिंदल ग्लोबल इंस्टीट्यूट, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी नयी दिल्ली,
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी,
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, जयपुर विश्वविद्यालय, विवेकानन्द विश्वविद्यालय। और अन्य 25 विश्वविद्यालयों से भी समन्वय किया है।
(फोरेंसिक विज्ञान, स्कूल ऑफ बायोसाइंसेस एंड टेक्नोलॉजी, गलगोटियास विश्वविद्यालय डॉ.) राजीव कुमार, और डा० विन्नी शर्मा कार्यक्रम में विशेष रूप उपस्थित रहे। इस सम्मेलन में दौरान कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए और नवीनतम तकनीकों तथा अनुसंधान पर चर्चा की। साथ ही, फोरेंसिक विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्वानों को सम्मानित भी किया गया। जिसमें उत्कृष्ट फोरेंसिक प्रचारक पुरस्कार: डॉ. दीपक कुमार और डॉ. रणजीत सिंह को मिला और फोरेंसिक उत्कृष्टता पुरस्कार: डॉ. एस. इंद्र सुधा और आईपीएस डॉ. त्रिवेणी सिंह को, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड: डॉ. संपूर्णा बेहुरा और डॉ. आर. के. सरीन को प्रदान किया गया।
भगवत प्रसाद शर्मा
PRO/मीडिया कार्यकारी
गालगोटियास यूनिवर्सिटी
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
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]]>The post एआई और एमएल पर एफडीपी शिक्षकों के कौशल उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहलः सुनील गलगोटिया चॉसलर गलगोटिया विश्वविद्यालय appeared first on Bharat Vandan News.
]]>1• एआई और एमएल पर एफडीपी शिक्षकों के कौशल उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहलः सुनील गलगोटिया चॉसलर गलगोटिया विश्वविद्यालय
2• गलगोटिया विश्वविद्यालय ने आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का किया आयोजन।
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई ) के तहत ईएण्डआईसीटी अकादमी, आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएस) पर एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्वानों की उत्साही भागीदारी देखी गई।
अपने स्वागत भाषण में, मोहित गहरवार, प्राचार्य, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक ने एआई और एमएल के महत्व पर जोर दिया और बताया कि कैसे फैकल्टी प्रशिक्षण शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने में मदद कर सकता है, जिससे शिक्षक तकनीकी प्रगति में सबसे आगे रह सकें।
गलगोटिया विश्वविद्यालय के चॉसलर श्री सुनील गलगोटिया ने इस पहल पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग दुनिया भर में उद्योगों में क्रांति ला रहे हैं। यह आवश्यक है कि हमारे शिक्षक लगातार अपने कौशल को उन्नत करें। यह एफडीपी हमारे विश्वविद्यालय की शैक्षिक उत्कृष्टता और उद्योग तत्परता की दृष्टि के अनुरूप है, जिससे हमारे संकाय सदस्य अगली पीढ़ी के एआई और एमएल पेशेवरों को तैयार करने में सक्षम हो सकें।”
इस अवसर पर गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डा० ध्रुव गलगोटिया ने एफडीपी को लेकर अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कहा, “गलगोटियास यूनिवर्सिटी में, हम निरंतर सीखने और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से आयोजित यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम हमारे संकाय सदस्यों को एआई और एमएल में अत्याधुनिक ज्ञान से लैस करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की पहल शिक्षकों को प्रभावशाली अनुसंधान करने और छात्रों के सीखने के अनुभव को समृद्ध करने में सक्षम बनाती है।”
भगवत प्रसाद शर्मा
PRO/मीडिया कार्यकारी
गालगोटियास यूनिवर्सिटी
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
संपर्क: 9582782750
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]]>गलगोटिया कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग, एक दिवसीय बौद्धिक संपदा अधिकार कार्यशाला का किया आयोजन।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य “आपकी रचनात्मकता, नवाचार और बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता का निर्माण करना था।
कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग, गलगोटियास कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने
4 फरवरी, 2025 को “आपकी रचनात्मकता, नवाचार और बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता का निर्माण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया। यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (CST-UP) द्वारा प्रायोजित की गयी थी।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इसके पश्चात, डॉ. पुष्पा चौधरी (विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस और सहयोगी शाखाएँ) ने स्वागत भाषण दिया।
प्रेरणादायक संबोधन
गलगोटिया विश्वविद्यालय के चांसलर, श्री सुनील गलगोटिया ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “नवाचार और अनुसंधान किसी भी राष्ट्र की प्रगति के आधार होते हैं। IPR का ज्ञान छात्रों को अपने विचारों को सुरक्षित रखने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सहायक होगा। गलगोटियास इस तरह की कार्यशालाओं के माध्यम से छात्रों को उद्योग-समर्थित ज्ञान देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ, डा० ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि “आज का युग नवाचार और स्टार्टअप्स का है। IPR का ज्ञान छात्रों को अपने इनोवेशन को पेटेंट कराने और व्यावसायिक रूप से लागू करने में मदद करेगा। हमारी संस्था छात्रों और शोधकर्ताओं को सही मार्गदर्शन देने के लिए हमेशा तत्पर है।”
मुख्य अतिथि एवं वक्ता
गेस्ट ऑफ ऑनर, प्रो-वाइस चांसलर, गलगोटियास यूनिवर्सिटी, प्रो. (डॉ.) अवधेश कुमार ने सभी मुख्य वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके बाद, मुख्य अतिथि प्रो. बृजेश कुमार (इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन, दिल्ली) ने भारतीय पेटेंट अधिनियम, IPR की मौजूदा स्थिति और भारत में IPR सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यशाला की थीम और प्रमुख विषय था “विचारों की सुरक्षा एवम् भविष्य का निर्माण”
इस विषय के अंतर्गत, निम्नलिखित विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण सत्र लिए:
डॉ. दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, कृषि बायोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग, ICAR-IASRI) – भौगोलिक संकेतक (GI) और कृषि क्षेत्र में IPR की भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. अनुज कुमार शर्मा (एसोसिएट डीन, नवाचार और सामाजिक उद्यमिता, AKTU) – प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में IPR की भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. शैलेंद्र सिंह गौरव (नोडल अधिकारी, IPR सेल, आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग, कृषि संकाय) – कृषि अनुसंधान और बौद्धिक संपदा अधिकार पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. तनुप्रिया (पेटेंट अटॉर्नी, एडवोकेट) – AI युग में पेटेंट योग्यता, पेटेंट फाइलिंग और ड्राफ्टिंग प्रक्रिया पर अपनी बात कही।
कार्यशाला की मुख्य विशेषताएँ
संवादात्मक सत्र – प्रतिभागियों को पेटेंट ड्राफ्टिंग और फाइलिंग की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
केस स्टडी चर्चा – वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से IPR के अनुप्रयोगों को समझाया गया।
प्रश्नोत्तर सत्र – छात्रों और शोधकर्ताओं के प्रश्नों का उत्तर विशेषज्ञों द्वारा दिया गया।
समापन एवं धन्यवाद ज्ञापनः
कार्यशाला का समापन डॉ. यशवीर सिंह (प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में, राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया।
भगवत प्रसाद शर्मा
PRO/मीडिया कार्यकारी
गालगोटियास यूनिवर्सिटी
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
संपर्क: 9582782750
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]]>The post माइक्रोसॉफ्ट गुरुग्राम में गलगोटियास छात्रों का शैक्षणिक दौरा – नवाचार और तकनीक का अनूठा संगम appeared first on Bharat Vandan News.
]]>1. माइक्रोसॉफ्ट गुरुग्राम में गलगोटियास छात्रों का शैक्षणिक दौरा – नवाचार और तकनीक का अनूठा संगम
2. गलगोटियास विश्वविद्यालय के छात्रों का माइक्रोसॉफ्ट, गुरुग्राम में अत्यंत लाभकारी औद्योगिक भ्रमण।
गुरुग्राम, भारत: गलगोटियास विश्वविद्यालय अपने दूरदर्शी नेतृत्व और उत्कृष्ट शैक्षिक पहलों के लिए जाना जाता है। उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, विश्वविद्यालय ने बी.टेक. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए माइक्रोसॉफ्ट, गुरुग्राम में एक विशेष औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया।
इस शैक्षिक दौरे का उद्देश्य छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और माइक्रोसॉफ्ट के विशेषज्ञों से व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना था। इस दौरान छात्रों को एज़्योर क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नेटवर्क सुरक्षा और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन जानकारी दी गई। माइक्रोसॉफ्ट की वरिष्ठ विशेषज्ञ शिवानी थडियन, शिखा घिल्डियाल और मयंक जोली द्वारा संचालित इन सत्रों में छात्रों को लाइव डेमोंस्ट्रेशन और इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
इस दौरे की एक प्रमुख विशेषता सांया दुग्गल का प्रेरणादायक कीनोट सत्र था, जिसमें उन्होंने एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग में करियर निर्माण की रणनीतियों पर जोर दिया। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर और एआई कोपायलट की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को उभरते तकनीकी क्षेत्रों में करियर को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
इस कार्यक्रम का एक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब गलगोटियास विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट में डेटा कंसल्टेंट शिवम शर्मा ने अपने करियर यात्रा को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे गलगोटियास विश्वविद्यालय ने उन्हें तकनीकी रूप से मजबूत और करियर के लिए तैयार किया, जिससे छात्रों को प्रोत्साहन मिला कि वे भी उच्च लक्ष्य निर्धारित करें और अपने सपनों को साकार करें।
इस पहल के पीछे प्रो-वाइस चांसलर, प्रो. (डॉ.) अवधेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने इस दौरे को सफल बनाने के लिए सतत प्रयास किए। उन्होंने कहा, “डॉ. ध्रुव गलगोटिया के नेतृत्व में, गलगोटियास विश्वविद्यालय उद्योग-शिक्षा सहयोग को नए स्तर तक ले जा रहा है। हमारा उद्देश्य छात्रों को नवीनतम तकनीकों और व्यावसायिक कौशल से लैस करना है, जिससे वे प्रतिस्पर्धी वैश्विक परिदृश्य में सफलता प्राप्त कर सकें।”
इस यात्रा को सफल बनाने में डॉ. सुनीता यादव, डीन-इन-चार्ज का भी अहम योगदान रहा, जिनके नेतृत्व में इस भ्रमण को प्रभावी रूप से आयोजित किया गया। इस दौरे में विश्वविद्यालय के प्रमुख संकाय सदस्यों ने भी भाग लिया, जिनमें शामिल थे:
डॉ. एन. पार्थीबन (एसोसिएट डीन, अकादमिक्स)
डॉ. ई. राजेश (प्रोफेसर एवं क्लाउड कंप्यूटिंग प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर)
प्रो. डॉ. एस. श्रीनिवासन
प्रो. डॉ. मनुराज जयसवाल
प्रो. डॉ. सी. राजेश बाबू
प्रो. इंद्रकुमारी आर
प्रो. डॉ. एस. प्रेमकुमार
प्रो. डॉ. अंकिता शुक्ला
इस औद्योगिक भ्रमण के समापन पर छात्रों ने इसे “एक जीवन बदलने वाला अनुभव” बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरे से न केवल उनके तकनीकी ज्ञान में वृद्धि हुई, बल्कि उन्होंने करियर की नई संभावनाओं को भी खोजा।
गलगोटियास विश्वविद्यालय की यह पहल छात्रों को उद्योग के अनुरूप तैयार करने और उन्हें भविष्य के तकनीकी नेताओं के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विश्वविद्यालय आगे भी ऐसे नवाचारों और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
भगवत प्रसाद शर्मा
PRO/मीडिया कार्यकारी
गलगोटियास विश्वविद्यालय
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
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]]>इंटीरियर डिज़ाइनर के रूप में अपने करियर और उद्यमी यात्रा को कैसे आगे बढ़ाएं” विषय पर गलगोटिया विश्वविद्यालय ने आकर्षक अतिथि व्याख्यान की मेजबानी की।
गलगोटिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डिज़ाइन ने प्रख्यात इंटीरियर डिज़ाइन विशेषज्ञ आर्किटेक्ट उत्सव कंबोज द्वारा “एक इंटीरियर डिज़ाइनर के रूप में अपने करियर और उद्यमी यात्रा को आगे कैसे बढ़ाएं” इस विषय पर एक आकर्षक अतिथि व्याख्यान की मेजबानी की। इस सत्र ने छात्रों को इंटीरियर डिज़ाइन में एक सफल करियर बनाने के लिए बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की, जिसमें नवाचार, अनुकूलनशीलता और उद्यमी सोच के महत्व पर जोर दिया गया।
उत्सव कंबोज ने अपनी पेशेवर यात्रा साझा की और एक मजबूत पोर्टफोलियो स्थापित करने, बाजार के रुझानों को समझने और डिजाइन में टिकाऊ और तकनीकी प्रथाओं को एकीकृत करने की रणनीतियों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे रचनात्मकता, तकनीकी विशेषज्ञता और मार्केटिंग रणनीतियों का संतुलन एक इंटीरियर डिज़ाइनर को सफलता की ऊँचाइयों तक ले जा सकता है।
उन्होंने इंटीरियर डिज़ाइन व्यवसाय शुरू करने और प्रबंधित करने में चुनौतियों और अवसरों पर भी विशेष रूप से चर्चा की, क्लाइंट प्रबंधन, ब्रांडिंग और नेटवर्किंग पर भी व्यावहारिक सलाह प्रदान की।
गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डा० ध्रुव गलगोटिया ने इस अवसर पर कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों और नवोदित उद्यमियों को इंटीरियर डिज़ाइन के क्षेत्र में करियर और उद्यमिता के अवसरों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला है। इस आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “यह व्याख्यान न केवल छात्रों को प्रेरित करेगा, बल्कि उन्हें अपने व्यवसायिक सफर को मजबूती से शुरू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान करेगा।”
भगवत प्रसाद शर्मा
9582782750
पीआरओ/मीडिया कार्यकारी
गलगोटियास विश्वविद्यालय
ग्रेटर नोएडा, (उत्तर प्रदेश)
The post इंटीरियर डिज़ाइनर के रूप में अपने करियर और उद्यमी यात्रा को कैसे आगे बढ़ाएं” विषय पर गलगोटिया विश्वविद्यालय ने आकर्षक अतिथि व्याख्यान की मेजबानी की। appeared first on Bharat Vandan News.
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