दिन 1
61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026
14 – 18 फरवरी 2026; इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा
वाइब्रेंट स्प्रिंग फेयर की ऊर्जा से भरपूर शुरुआत
श्री कपिल देव अग्रवाल, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार का दौरा
मेले में पहले दिन दुनिया भर से आए विदेशी खरीदारों का स्वागत किया गया
भारत के मास्टर क्राफ्ट्स की एक्सक्लूसिव आर्ट ऑक्शन कल आयोजित
दिल्ली/एनसीआर – 14 फरवरी 2026: एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) द्वारा 14 से 18 फरवरी 2026 तक आयोजित 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 का आज इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर, एक व्यस्त एवं उत्साहपूर्ण दिन रहा । दिनभर खरीदारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के कारण प्रदर्शनी हॉल्स में सतत आवाजाही और सक्रिय व्यापारिक संवाद देखने को मिला ।
श्री कपिल देव अग्रवाल, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार ने आज मेले का दौरा किया । उन्होंने मेले का भ्रमण किया और प्रदर्शकों से संवाद किया तथा प्रदर्शित उत्पादों की उत्कृष्ट कारीगरी और वैश्विक बाजार में उनकी उपयुक्तता पर विशेष ध्यान दिया । उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण आयोजन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करने हेतु मैं आपका धन्यवाद करता हूँ,” और मेले के भव्य स्वरूप, उत्पादों की व्यापक विविधता तथा इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट की सुदृढ़ अवसंरचना की सराहना की, जिसने इस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आयोजन के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । उन्होंने ईपीसीएच और आईईएमएल के नेतृत्व की भी प्रशंसा की, जिनके प्रयासों से विश्वस्तरीय व्यापारिक समागम संभव हुआ है, जिसकी चर्चा वैश्विक स्तर पर हो रही है।
माननीय मंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि उत्तर प्रदेश में हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हो रही है, और एक्सपोर्टर देश बनाने में अहम योगदान दे रहे हैं । उन्होंने कहा कि आने वाला जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और व्यापार के मौकों को और बढ़ाएगा ।
प्रदर्शकों को ‘रचनाकार’ बताते हुए और हस्तशिल्प को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श इन्क्यूबेटर के रूप में रेखांकित करते हुए श्री कपिल देव ने ईपीसीएच और आईईएमएल से आग्रह किया कि प्रशिक्षण संस्थानों से नए और युवा प्रतिभाओं को शामिल किया जाए, ताकि वे अपने कौशल को और निखार सकें। सामूहिक एकता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “दुनिया को यह पहचान दिलाइए कि भारत उभरती हुई आर्थिक शक्ति है और एक ऐसी ताकत है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता ।”
मेले के प्रथम दिन दर्शक एवं खरीदार आवागमन के बारे में डॉ. नीरज खन्ना, चेयरमैन, ईपीसीएच ने कहा, “यह आयोजन अत्यंत सकारात्मक गति के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसमें विदेशी खरीदारों, बाइंग हाउसेज़, एजेंट्स तथा घरेलू वॉल्यूम खरीदारों की मजबूत भागीदारी दिखाई दे रही है । नए व्यापारिक संबंध बन रहे हैं और लंबे समय से चली आ रही साझेदारियाँ भी और मजबूत हो रही हैं । खरीदार पहली बार भाग लेने वाले सप्लायर्स की नई एवं नवोन्मेषी उत्पाद शृंखलाओं के साथ-साथ लौटकर आए प्रदर्शकों द्वारा प्रस्तुत ट्रेंड-फॉरवर्ड कलेक्शंस को सक्रिय रूप से खोज रहे हैं ।”
ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, आईईएमएल ने कहा, “तीन दशकों से अधिक समय से ईपीसीएच आयोजनों में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का निरंतर विश्वास एवं सहभागिता इस मेले के दीर्घकालिक महत्व को दर्शाती है । इस संस्करण में पूरे परिसर में जीवंत और गतिशील वातावरण बना हुआ है; प्रदर्शनी हॉल्स में पूरे दिन मजबूत फुटफॉल और सार्थक व्यवसायिक संवाद देखने को मिला । अपनी मजबूत अंतरराष्ट्रीय अपील के साथ यह मेला अर्थपूर्ण व्यापार सहभागिता और सतत व्यवसाय वृद्धि का एक प्रभावी मंच बना हुआ है । अत्याधुनिक ‘इंडिया सेंटर’ भी समय के साथ प्रदर्शनी उत्कृष्टता के अपने उद्देश्य को पूरा करने हेतु विकसित हुआ है । सोर्सिंग अनुभव को और समृद्ध बनाते हैं हमारे 900 स्थायी मार्ट शोरूम, जो भारत के प्रमुख हस्तशिल्प निर्यातकों के स्वामित्व में हैं।”
श्री सागर मेहता, उपाध्यक्ष, ईपीसीएच ने कहा, “वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा आयोजित ‘भारत के मास्टर क्राफ्ट्स की एक्सक्लूसिव आर्ट ऑक्शन’ कल आयोजित की जाएगी । यह ऐतिहासिक पहल शिल्प गुरु पुरस्कार विजेताओं और राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार विजेताओं (2023–2024) द्वारा तैयार 12 उत्कृष्ट कृतियों का क्यूरेटेड प्रदर्शन प्रस्तुत करती है, ये वे कारीगर हैं जिन्हें भारत सरकार द्वारा कारीगरी में उत्कृष्टता हेतु सर्वोच्च सम्मान प्रदान किए जाते हैं । ये रचनाएँ ट्रेंड-ड्रिवन या बड़े पैमाने पर उत्पादित वस्तुएँ नहीं हैं, बल्कि आजीवन साधना की दुर्लभ और एकमात्र अभिव्यक्तियाँ हैं । प्रत्येक कृति दशकों की कठोर साधना, विरासत में मिले ज्ञान-तंत्र और गुरु–शिष्य परंपरा की अनुशासनबद्ध परंपरा को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें समय, धैर्य और समर्पण निहित होता है जिसे न तो दोहराया जा सकता है और न ही शीघ्रता में बनाया जा सकता है । यह लाइव ऑक्शन हॉल 16, एक्टिविटी एरिया, इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में शाम 5:00 बजे आयोजित होगी ।”
श्री अवधेश अग्रवाल, चीफ कंवीनर, ईपीसीएच ने कहा, “वैश्विक अपील और उद्यमियों, निर्यातकों तथा कारीगरों को जोड़ने की अपनी विशिष्ट क्षमता के लिए प्रसिद्ध आईएचजीएफ दिल्ली मेला, भारतीय उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता, विशिष्ट डिज़ाइन और अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए तैयार होने के स्तर को लेकर विदेशी खरीदारों का विश्वास निरंतर मजबूत करता है । हर संस्करण नए व्यवसायिक अवसरों के लिए उत्प्रेरक का काम करता है, नए खरीदार संबंध बनाता है और लगातार विकसित होते उत्पाद-वर्ग को प्रदर्शित करता है । वैश्विक सोर्सिंग ट्रेंड्स और बदलती खरीदार अपेक्षाओं के अनुरूप विकसित होते हुए इस संस्करण में अधिक उत्पाद विविधता, खरीदार–विक्रेता के बीच गहन सहभागिता तथा डिज़ाइन-आधारित, वैल्यू-एडेड पेशकशों पर स्पष्ट फोकस है ।”
श्री मोहित चोपड़ा, प्रेसिडेंट, आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–स्प्रिंग 2026 रिसेप्शन कमेटी ने कहा, “कल से हमारे व्यापार और वर्तमान बाजार गतिशीलता से जुड़े कई महत्वपूर्ण ज्ञान सत्र आयोजित किए जाएंगे ।” उन्होंने आगे बताया, “कल के प्रतिष्ठित एवं आमंत्रित विशेषज्ञ ‘सस्टेनेबिलिटी’, ‘भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाना एवं उभरते गंतव्य’, तथा ‘मार्केट डाइवर्सिफिकेशन के लिए ट्रेंड ड्राइवर्स’ जैसे विषयों पर सत्र संचालित करेंगे ।”
श्री राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने कहा, “जब भारत मजबूत आर्थिक विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है, आईएचजीएफ दिल्ली मेला निर्यात आउटरीच का विस्तार करने, नए बाजार खोलने और दीर्घकालिक वैश्विक साझेदारियाँ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहता है । यह शो 109 से अधिक देशों के विदेशी खरीदारों के साथ-साथ बाइंग एवं सोर्सिंग कंसल्टेंट्स, भारत के अग्रणी रिटेल/ऑनलाइन ब्रांड्स के प्रतिनिधियों और घरेलू वॉल्यूम खरीदारों को आकर्षित करने की अपेक्षा रखता है, जिससे यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।”
दिन 1 पर कई अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने मेले में सक्रिय सोर्सिंग रुचि दिखाई । अमेरिका से पॉल और एलिज़ाबेथ, जो रिटेलर एवं ऑनलाइन सेलर हैं और भारत से बड़ी मात्रा में उत्पाद सोर्स करते हैं विशेष रूप से फर्निशिंग जैसे बेडशीट्स और होम एक्सेसरीज़, आज स्पष्ट उद्देश्य के साथ आए कि वे अपने व्यवसाय की जरूरतों के अनुरूप टेक्सटाइल पेशकशों को खोजें । वे भारत को उसके पैमाने, विश्वसनीयता और उत्पादन में निरंतरता के कारण एक प्रमुख सोर्सिंग डेस्टिनेशन मानते हैं । यूके की जिल लार्क्स ने साझा किया कि वे इस मेले के माध्यम से गिफ्ट्स, टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी, बच्चों के कपड़े एवं एक्सेसरीज़, तथा क्रिसमस डेकोर उत्पाद सक्रिय रूप से सोर्स कर रही हैं । दक्षिण अफ्रीका की डेबोरा टेलर मुख्यतः क्रिसमस डेकोर उत्पादों के लिए आई हैं, विशेषकर रिबन्स और पेपर-बेस्ड आइटम्स में उनकी गहरी रुचि है । पहले वे अमेरिका और यूरोप से अधिक सोर्सिंग करती थीं, लेकिन अब वे अपने सप्लाई बेस का विविधीकरण कर रही हैं और भारत उनके लिए एक प्रमुख फोकस मार्केट बनकर उभरा है। वर्तमान में उनके उत्पाद रेंज का लगभग 40% भारत से सोर्स होता है ।
वर्तमान में, उनके कुल प्रोडक्ट रेंज का लगभग 50% विशेष रूप से भारत से सोर्स किया जाता है, जो उनकी सप्लाई चेन में भारत के महत्व को दर्शाता है । उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत–यूके मुक्त व्यापार समझौते का उनके व्यवसाय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, क्योंकि करों में कमी से रिटेल कीमतें कम हुई हैं और विस्तार योजनाओं को समर्थन मिला है ।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) देश से हस्तशिल्पों के निर्यात को बढ़ावा देने वाली नोडल संस्था है और यह देश के अलग-अलग शिल्प क्लस्टर्स में होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर और फैशन ज्वेलरी व एक्सेसरीज के उत्पादों को बनाने वाले लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर की ब्रांड छवि बनाती है. ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि साल 2024-25 में हस्तशिल्पों का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा ।
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विस्तृत जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
श्री राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक- ईपीसीएच
+91-9810423612

