*मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकर्स के साथ बैठक करते हुए बैंकिंग प्रगति की, की समीक्षा*
*सभी बैंकर्स सकारात्मक सोच के साथ सरकार की योजनाओं में ऋण स्वीकृत करने की करें करवाई : सीडीओ*
*गौतमबुद्धनगर 19 मार्च, 2026*
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में बैंकिंग प्रगति की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिसंबर तिमाही 2025 के दौरान बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला अग्रणी मुख्य प्रबंधक राजेश सिंह कटारिया ने जनपद की बैंकिंग प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि तिमाही अवधि में जिले में 10 नई बैंक शाखाएं खोली गई हैं, जिससे कुल शाखाओं की संख्या बढ़कर 707 हो गई है। उन्होंने बताया कि जनपद का ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) 59.72 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही के समान है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन बैंक शाखाओं का सीडी रेशो कम है, वे विशेष अभियान चलाकर इसमें सुधार लाएं तथा ऋण वितरण को प्राथमिकता दें।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बैंकर्स सरकार की योजनाओं को मिशन मोड में लेते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से ऋण स्वीकृत करें। उन्होंने कहा कि बैंकर्स को केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित न रहकर वास्तविक जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना होगा।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ODOP), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY), मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) एवं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
वित्तीय समावेशन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 2,79,819 लाभार्थी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJY), 7,90,848 लाभार्थी प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) तथा 2,05,865 लाभार्थी अटल पेंशन योजना (APY) से जुड़े हैं।
इस अवसर पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक ऋण योजना (ACP) का शुभारंभ भी किया गया, जिसके तहत ₹73,529.02 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 64.79 प्रतिशत अधिक है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि वे इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाएं और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से नंद बाबा, मिनी नंदिनी, पीएम स्वनिधि एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित शाखाओं की जवाबदेही तय की जाएगी।
भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ जसजीत सिंह कालरा ने भी बैठक में बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा ऋण वितरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक में उपयुक्त उद्योग पंकज निर्माण, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, संबंधित विभागीय अधिकारीगण एवं अन्य संबंधित हितधारक उपस्थित रहे।
सौजन्य से सूचना विभाग, गौतमबुद्धनगर।

