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62वां आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 13 से 17 अक्टूबर 2026; इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा

62वां आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026
13 से 17 अक्टूबर 2026; इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा

नियमित खरीदारों एवं नए आगंतुकों के उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ ऑटम 2026 के कारोबारी सत्र का सफल समापन
प्रतिभागी व्यावसायिक उपलब्धियों, नई सीख, प्रेरणा और स्प्रिंग 2027 में फिर मिलने के वादे के साथ लौटे

सर्वश्रेष्ठ स्टैंड डिजाइन एवं डिस्प्ले के लिए 12 श्रेणियों में अजय शंकर मेमोरियल अवॉर्ड प्रदान किए गए

पांच दिवसीय आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम का समापन; 105 देशों से खरीदार पहुंचे, ऑर्डर बुकिंग एवं व्यावसायिक पूछताछ 3,600 करोड़ रुपये रही

दिल्ली/एनसीआर, 17 अक्टूबर 2026: इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 13 से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 का आज उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। मेले में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और देशभर के प्रदर्शकों ने भाग लिया, जिससे यह भारत से होम, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग, फर्नीचर, गिफ्ट्स और इंटीरियर उत्पादों की सोर्सिंग के लिए एक महत्वपूर्ण एवं बहुप्रतीक्षित व्यापारिक आयोजन सिद्ध हुआ।

मेले का समापन सर्वश्रेष्ठ डिस्प्ले पुरस्कार एवं समापन समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच; डॉईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार; श्री सागर मेहता, उपाध्यक्ष, ईपीसीएच; आईएचजीएफ दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 स्वागत समिति के उपाध्यक्ष—श्री प्रदीप मुछाला, श्री राजेश कुमार जैन, श्री सलमान आजम और श्री आर. बी. लाहोटी; श्री राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच; ईपीसीएच के पूर्व अध्यक्ष; प्रशासन समिति के सदस्य; प्रमुख विदेशी खरीदार; भारत के बाइंग एजेंट तथा ईपीसीएच के अग्रणी सदस्य निर्यातक उपस्थित रहे।

मेला के ये संस्करण 17 समर्पित हॉलों में 3,000 से अधिक प्रदर्शकों को एक साथ लाया, जहाँ होम, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग, फर्नीचर और इंटीरियर उत्पादों के विस्तृत प्रदर्शनी खंड थे। हॉलों में प्रदर्शक स्टॉल के अलावा, आगंतुकों को इंडिया एक्सपो सेंटर के विभिन्न स्तरों पर स्थित प्रमुख निर्यातकों के 900 मार्ट/स्थायी शोरूम भी देखने का अवसर मिला, जो सोर्सिंग के दिनों के लिए सजाए और तैयार किए गए थे।

मेले की शानदार आयोजन टीम का नेतृत्व करने वाले ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ.नीरज खन्ना ने मेले के विभिन्न प्रदर्शनों में खरीदारों के रुझान तथा प्राथमिकताओं पर कड़ी नज़र रखी। उन्होंने कहा, “यह एक प्रभावशाली संस्करण रहा, जिसमें विशाल प्रदर्शन और भव्य दृष्टिकोण देखने को मिला। हमने सभी आयोजकों, प्रदर्शकों और पूरे हस्तशिल्प सेक्टर ने मिलकर अपने स्तर को अपग्रेड किया है। आगामी मार्च 2027 का संस्करण इससे भी उच्च स्तर पर ले जाने की तैयारी है। यहां से लौट रहे क्रेताओं ने वापस आने का वादा किया और उम्मीद जताई है कि अगला आयोजन उनकी उम्मीद के हिसाब से और भी बेहतर होगा। इन क्रेताओं ने क्षेत्रीय विशेषताएँ प्रस्तुत करने वाले 3,000 से अधिक प्रदर्शकों, कारीगर-उद्यमियों से संवाद किया। इस अवसर पर क्रेताओँ ने ईपीसीएच और भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय की कौशल विकास तथा डिज़ाइन-आधारित पहलों से निकले विभिन्न उत्पादों को भी भरपूर सराहा।”

अपनी बात को विस्तार देते हे उन्होंने कहा, “इस संवाद में स्थापित सोर्सिंग संबंधों और उभरते व्यापारिक अवसरों का अच्छा संतुलन दिखा। पहली बार आने वाले खरीदारों ने भारत को सोर्सिंग स्थल के रूप में देखा, जबकि परंपरागत खरीदार नए संग्रह, विशिष्ट उत्पाद और भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता साझेदारी के लिए एक बार फिर बड़ी संख्या में आयोजन में आए।”

इन पाँच दिनों की व्यावसायिक गतिविधियों पर अपना वक्तव्य देते हुए , ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा, “भारतीय हस्तशिल्प आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। ये अपनी गहरी सांस्कृतिक विरासत बनाए रखते हुए एक आधुनिक डिज़ाइन पहचान बनाने की दिशा में विकसित हो रहे हैं। सोर्सिंग के रुझान बताते हैं कि कई आने वाले खरीदारों के उत्पाद पोर्टफोलियो में भारत का हिस्सा महत्वपूर्ण है। एक प्रमुख रुझान सप्लाई चेन का विविधीकरण है। कई थोक विक्रेताओं और रिटेलरों ने भारत से खरीद बढ़ाने की रणनीतिक दिशा दिखाई है, कुछ क्रेता पहले से ही अपनी कुल आयात खरीद का 40 से 80 प्रतिशत भारतीय निर्माताओं से कर रहे हैं।”

पिछले 14 वर्षों से आईएचजीएफ दिल्ली फेयर के नियमित आगंतुक जर्मनी से आए पीटर ज़ूर्न ने नए संग्रह खोजने, विशिष्ट इंटीरियर डेकोर उत्पाद देखने और आपूर्तिकर्ताओं के साथ संबंध मजबूत करने में मेले के महत्व को रेखांकित किया। आर्टे व्होन एसेसरीज जीएमबीएच एंड कंपनी के जी का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के आयात में भारत का हिस्सा लगभग 50 प्रतिशत है, जो सोर्सिंग स्थल के रूप में भारत के महत्व को दर्शाता है। अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए स्कॉट ने मेले के आकार और समग्र अनुभव की सराहना की। उन्हें संगमरमर, पीतल और एल्युमीनियम से बने होम डेकोर उत्पादों में विशेष रुचि है। उन्होंने बताया कि उनके आयात में भारत का हिस्सा लगभग 85 प्रतिशत है, जो उनकी सोर्सिंग प्रक्रिया में भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के महत्व को दर्शाता है।

अमेरिका से आईं डीन ऐशले टी. लिन ने विभिन्न बाजारों में सोर्सिंग के विस्तृत अवसरों को उजागर किया। उनकी रुचि होम डेकोर, वस्त्र, पिलो कवर, बेडशीट और सजावटी उत्पादों में है। फ्रांस से पहली बार आईं एमिल ने अपने अनुभव को सकारात्मक बताया और नए आपूर्तिकर्ताओं तथा उत्पादों से अपना संग्रह बढ़ाने में रुचि जताई। उन्हें विशेष रूप से टेबलवेयर, लकड़ी और लोहे के उत्पाद, तथा फर्नीचर में रुचि है। उनके आयात में भारत का हिस्सा अभी लगभग 15 प्रतिशत है, और वे इस मेले को नई सोर्सिंग संभावनाएँ तलाशने तथा अपनी कंपनी की निरंतर वृद्धि में सहायता करने का अवसर मानती हैं।

आईएचजीएफ दिल्ली मेले में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने बताया, “उन्होंने मेले की बनावट और प्रदर्शन की सराहना की, प्रदर्शकों से मुलाकात की और उन्हें उत्पाद नवाचार तथा बदलती बाजार प्राथमिकताओं के अनुरूप ढलने के माध्यम से वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।” अपनी बात को विस्तार देते हुए उन्होंने बताया कि मेले में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व सांसद (राज्यसभा) श्री सैयद ज़फ़र इस्लाम, केंद्रीय कपडा मंत्रालय में सचिव और भारतीय प्रशासनिक सेवा की अफसर सुश्री नीलम शामी राव; आईएएस अफसर और केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव सुश्री आरती कंवर; रिटायर्ड आईएएस और गुजरात सरकार में पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा) सुश्री सुनैना तोमर; केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय में हस्तशिल्प विकास आयुक्त श्रीमती अमृत राज; अतिरिक्त सीईओ, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस श्री अजीत चव्हाण; श्री रवि कुमार एन. जी., आईएएस, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, गौतम बुद्ध नगर तथा श्री विवेक कुमार बाजपेयी, संयुक्त सचिव, खान मंत्रालय, भारत सरकार ने दौरा किया।

मेले में आगंतुकों की प्रतिक्रिया और सोर्सिंग रुझानों पर अपने अवलोकन साझा करते हुए, आईएचजीएफ दिल्ली मेला–ऑटम 2026 की स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री अवधेश अग्रवाल ने कहा, “खरीदारों ने स्थापित उद्योगों के साथ-साथ कारीगरों और उभरते उद्यमियों की पेशकशों को देखने के अवसर की सराहना की। कई खरीदारों के लिए आईएचजीएफ दिल्ली मेला केवल एक मूल्यवान सोर्सिंग मंच नहीं, बल्कि एक सुखद अनुभव भी है, जिसे ईपीसीएच के साथ उनके लंबे संबंध और उनके नियमित आपूर्तिकर्ताओं द्वारा पेश इनोवेटिव उत्पाद श्रृंखलाएँ मजबूत करती हैं। कई खरीदार हाथ में ऑर्डर लेकर जा रहे हैं, जबकि कुछ बातचीत के अंतिम चरण में हैं।”

इसी क्रम में श्री राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने बताया, “105 देशों से लगभग 7,350 खरीदारों, बाइंग प्रतिनिधियों और घरेलू बड़े खरीदारों ने मेले का दौरा किया। इससे लगभग ₹3,600 करोड़ की व्यावसायिक पूछताछ प्राप्त हुई।” उन्होंने आगे कहा, “अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, स्पेन, जापान, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों से खरीदार मेले में आए। ग्रुप 2 लुट्ज़, ऑस्ट्रिया; ए-जेड जीआईएस इंक, कनाडा; मैसन्स डू मोंडे, फ्रांस; मैसिवमोएबेल24 जीएमबीएच, जर्मनी; निटोरी, जापान; लैंडमार्क ग्रुप, कहरमान, यूएई; फैबलरूम, डिज़ाइन्ड बाय वूल्फ, ब्रिटेन; रॉस स्टोर्स, इंक., टीजेएक्स कंपनीज़ और वीसीएनव्हाई होम, अमेरिका सहित अनेक प्रमुख ब्रांडों के सोर्सिंग प्रतिनिधियों ने भी मेले में भाग लिया।”

आईएचजीएफ दिल्ली मेले–ऑटम 2026 के बेस्ट स्टैंड डिज़ाइन और डिस्प्ले अवार्ड्स के बारे में और जानकारी देते हुए श्री राजेश रावत ने कहा, “इस मेले में अपनी रचनात्मक प्रस्तुति के आधार पर प्रदर्शकों को 12 श्रेणियों में पुरस्कारों के लिए चुना गया। अजय शंकर मेमोरियल अवार्ड्स लैंप, लाइटिंग और एक्सेसरीज़; होम टेक्सटाइल, फर्निशिंग और फ्लोर कवरिंग; फैशन ज्वेलरी और एक्सेसरीज़; कॉर्पोरेट गिफ्ट सहित डेकोरेटिव गिफ्ट्स; बाथरूम एक्सेसरीज़; कैंडल, अगरबत्ती, पॉटपुरी, औषधीय तथा सुगंधित उत्पाद; हैंडमेड पेपर, गिफ्ट रैप और रिबन सहित सॉफ्ट टॉयज़; तथा सस्टेनेबल उत्पादों की श्रेणियों में दिए गए। पी. एन. सूरी मेमोरियल अवार्ड्स हाउसवेयर, टेबल और डेकोरेटिव उत्पादों; तथा फर्नीचर, फर्नीचर हार्डवेयर और होम एक्सेसरीज़ की श्रेणियों में दिए गए। ये प्रतिष्ठित सम्मान हैं और हमारे प्रदर्शक, विशेष रूप से आईएचजीएफ परिवार के नए और अगली पीढ़ी के प्रतिभागी, इन पुरस्कारों के लिए चुने जाने की प्रतीक्षा करते हैं।”

ईपीसीएच देश से विश्व के विभिन्न गंतव्यों तक हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने और विदेश में भारत की छवि को उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में प्रस्तुत करने के लिए एक नोडल संस्थान है। इस अवसर पर ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,168 करोड़ रुपये (3,754 मिलियन डॉलर) रहा।

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