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नई दिल्ली, 16 जुलाई 2026: भारत टेक्स 2026 के तीसरे दिन नीति-निर्माताओं, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ताओं, निवेशकों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, ब्रांडों, शैक्षणिक संस्थानों और सतत विकास विशेषज्ञों ने चक्रीय अर्थव्यवस्था, जिम्मेदार

नई दिल्ली, 16 जुलाई 2026: भारत टेक्स 2026 के तीसरे दिन नीति-निर्माताओं, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ताओं, निवेशकों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, ब्रांडों, शैक्षणिक संस्थानों और सतत विकास विशेषज्ञों ने चक्रीय अर्थव्यवस्था, जिम्मेदार सोर्सिंग, वस्त्र क्षेत्र के वित्तपोषण, भविष्य के अनुरूप कौशल, वैश्विक व्यापार और प्रौद्योगिकी-संचालित विकास पर केंद्रित विचार-विमर्श किया। पैनल चर्चाओं, गोलमेज बैठकों, कार्यशालाओं, मास्टरक्लास और उद्योग संवादों की एक व्यापक शृंखला ने प्रतिस्पर्धी, समावेशी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार वस्त्र क्षेत्र के निर्माण के लिए व्यावहारिक मार्ग प्रस्तुत किए।
दिन का एक प्रमुख आकर्षण मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भागीदारी रही। डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश राज्य मंडप का दौरा किया और राज्य की वस्त्र विरासत, विनिर्माण क्षमताओं तथा निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित कर रहे प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इसके बाद डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित मध्य प्रदेश राज्य सत्र में भाग लिया। सत्र में वस्त्र मूल्य शृंखला के विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं तथा निवेश आकर्षित करने, विनिर्माण का विस्तार करने, रोजगार के अवसर सृजित करने और उद्योग आधारित विकास को गति देने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। सत्र के बाद मीडिया संवाद भी आयोजित किया गया। डॉ. मोहन यादव ने राज्य के वस्त्र क्षेत्र की संभावनाओं और उपलब्ध निवेश अवसरों को रेखांकित किया।
दिनभर आयोजित चर्चाओं में उद्योग जगत, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सतत विकास संस्थानों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के नेतृत्व में आयोजित “इंडियन ट्रेंड्स टू ग्लोबल टेस्ट: फोरकास्टिंग फॉर बिलियन कंज्यूमर्स (विज़ननेक्स्ट)” विषयक चर्चा में श्री नंद किशोर चौधरी, अध्यक्ष, जयपुर रग्स कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, और श्री रिकार्डो रामी, संस्थापक, रिकार्डो रामी स्टूडियो, इटली ने भाग लिया। चर्चा में उपभोक्ता संबंधी अंतर्दृष्टि, स्वदेशी ज्ञान और समकालीन डिजाइन के समन्वय के माध्यम से वैश्विक फैशन रुझानों को आकार देने की भारत की क्षमता पर प्रकाश डाला गया।
सतत विकास और चक्रीय अर्थव्यवस्था कार्यक्रम के प्रमुख विषय रहे। इंडिया सस्टेनेबल टेक्सटाइल मार्क पर संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सत्र में सुश्री नलिनी शेखर, सह-संस्थापक, हसीरु डाला ने भाग लिया। सत्र में भारतीय वस्त्र और परिधान क्षेत्र के लिए एक विश्वसनीय सामाजिक एवं पर्यावरणीय मानदंड स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
“व्हीट स्ट्रॉ टू वार्डरोब्स” विषयक सत्र में डॉ. रविंदर तुतेजा, मैटेरियल प्रोग्राम लीड, एच एंड एम ने भाग लिया। सत्र में कृषि अवशेषों से अगली पीढ़ी के वस्त्र रेशों के विकास की संभावनाओं पर विचार किया गया। “सर्कुलर टेक्सटाइल: फ्रॉम डायलॉग टू डिप्लॉयमेंट” विषयक गोलमेज बैठक में श्री आर्चिश कंसल, निदेशक, रीस्पन ने भाग लिया। यह बैठक चक्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक और व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों में बदलने पर केंद्रित रही।
“फेयर कमोडिटी प्राइसिंग: एन इंडस्ट्री मॉडल फॉर एन इक्विटेबल एंड रेजिलिएंट ऑर्गेनिक कॉटन वैल्यू चेन” विषयक चर्चा में श्री जगजीत सिंह कंडाल, कंट्री डायरेक्टर, इंडिया, आईडीएच इंडिया हब प्राइवेट लिमिटेड, और सुश्री डेनिक लोडेविक्स, सस्टेनेबल रॉ मैटेरियल्स मैनेजर, बेस्टसेलर ने भाग लिया। सत्र में पारदर्शी मूल्य निर्धारण, किसानों के हितों की सुरक्षा और जैविक कपास मूल्य शृंखला में दीर्घकालिक साझेदारियों की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। “फाइनेंसिंग ए ग्लोबली कॉम्पिटिटिव, सस्टेनेबल, इन्क्लूसिव सप्लाई चेन” विषयक पैनल में श्री आकाश शाह, पार्टनर, पीक सस्टेनेबिलिटी वेंचर्स ने भाग लिया। पैनल में सुदृढ़ और जिम्मेदार वस्त्र आपूर्ति शृंखलाओं के लिए वित्तपोषण तंत्र पर विचार किया गया।
बेटर कॉटन इनिशिएटिव द्वारा आयोजित “डायलॉग फॉर सस्टेनेबल सोर्सिंग सॉल्यूशंस टू ड्राइव टेक्सटाइल ट्रेड” विषयक गोलमेज बैठक में सुश्री ईवा बेनाविडेज क्लेटन, सीनियर डायरेक्टर ऑफ डिमांड एंड एंगेजमेंट, बेटर कॉटन इनिशिएटिव; श्री पॉल राइट, ग्रुप एनवायरनमेंटल, सोशल एंड गवर्नेंस एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, पीडीएस लिमिटेड; श्री अनंत आहूजा, डायरेक्टर ऑफ एनवायरनमेंटल, सोशल एंड गवर्नेंस एंड सस्टेनेबिलिटी, शाही एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड; श्री दिलीप कुमार, ट्रेसेबिलिटी मैनेजर, मार्क्स एंड स्पेंसर; और श्री श्रीनिवासन कृष्णमूर्ति, मैटेरियल डेवलपमेंट लीड, आइकिया ग्रुप ने भाग लिया। विचार-विमर्श में सतत वस्त्र व्यापार को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार सोर्सिंग, पता लगाने की क्षमता और ब्रांडों, निर्माताओं तथा आपूर्तिकर्ताओं के बीच मजबूत सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
“वीविंग कैपिटल इन: इन्वेस्टर पर्सपेक्टिव्स ऑन इंडियाज टेक्सटाइल सस्टेनेबिलिटी जर्नी” विषयक गोलमेज बैठक में सुश्री रंजना खन्ना, सीनियर डायरेक्टर, प्रोग्राम्स, इम्पैक्ट इन्वेस्टर्स काउंसिल; श्री जय कुमार गौरव, सीनियर एडवाइजर फॉर क्लाइमेट चेंज एंड सर्कुलर इकोनॉमी, डॉयचे गेसेलशाफ्ट फ्यूर इंटरनेशनेल त्सुसामेनआर्बाइट; और डॉ. प्रिया नागराज, हेड, ग्रीन इकोनॉमी एंड इनोवेशन, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर ने भाग लिया। बैठक में भारत के वस्त्र क्षेत्र में स्वच्छ प्रौद्योगिकियों, चक्रीय व्यवसाय मॉडल और समावेशी उद्यमों में निवेश की आवश्यकता पर विचार किया गया।
“फ्रॉम भारत टू द वर्ल्ड” विषयक ई-कॉमर्स मास्टरक्लास में श्री पुलकित नंदा, हेड ऑफ न्यू सेलर रिक्रूटमेंट, ग्लोबल सेल्स, अमेजन ग्लोबल सेलिंग ने भाग लिया। मास्टरक्लास में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि निर्यात संबंधी तैयारी और डिजिटल बाजार किस प्रकार भारतीय वस्त्र उद्यमों को वैश्विक ग्राहकों तक पहुंचने में सहायता कर सकते हैं।
डॉ. एम. बीना, भारतीय प्रशासनिक सेवा, विकास आयुक्त (हथकरघा), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, और सुश्री प्रियंबदा जयकुमार, लेखिका एवं इतिहासकार, के साथ आयोजित फायरसाइड वार्ता में भारत की हथकरघा विरासत, बुनकरों और कारीगरों के योगदान तथा पारंपरिक ज्ञान को समकालीन बाजारों से जोड़ने के महत्व पर विचार किया गया।
दिन का समापन “सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव: लर्निंग्स एंड टेकअवेज़ — क्लोजिंग प्लेनरी सेशन” के साथ हुआ। इस सत्र में सुश्री आरती मोहन, सह-संस्थापक एवं पार्टनर, सत्त्व मीडिया एंड कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड ने भाग लिया। समापन सत्र में दिनभर की चर्चाओं से प्राप्त प्रमुख निष्कर्षों को समेकित किया गया और वित्त, सोर्सिंग, प्रौद्योगिकी, कौशल तथा चक्रीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया गया।
“व्हाई इंडियन फैब्रिक प्लेयर्स स्ट्रगल टू इंटीग्रेट इंटू गारमेंटिंग एंड व्हाट इट विल टेक टू सक्सीड” विषयक पैनल चर्चा में श्री श्रेयस्कर चौधरी, प्रबंध निदेशक, प्रतिभा सिंटेक्स लिमिटेड, और श्री कार्तिकायन रविचंद्रन, एसोसिएट पार्टनर, वेक्टर कंसल्टिंग ग्रुप ने भाग लिया। सत्र में भारतीय कपड़ा निर्माताओं के परिधान उत्पादन के क्षेत्र में सफलतापूर्वक विस्तार के लिए आवश्यक परिचालन और रणनीतिक क्षमताओं पर विचार किया गया।
“इंटीग्रेटिंग सस्टेनेबल केमिकल मैनेजमेंट फ्रेमवर्क्स इंटू पॉलिसी” विषयक मास्टरक्लास का नेतृत्व श्री साकेत दामोदर कुलकर्णी, सीनियर रीजनल मैनेजर फॉर साउथ एशिया, जेडडीएचसी फाउंडेशन ने किया। मास्टरक्लास में जिम्मेदार रसायन प्रबंधन, अधिक सुदृढ़ पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन संबंधी अनुपालन तथा भारत-यूरोपीय संघ वस्त्र व्यापार को समर्थन देने वाली अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई।

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