*भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन राज्य-स्तरीय अवसरों और भारत की विस्तारित होती वैश्विक व्यापार साझेदारियों पर रहा विशेष जोर*
*नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026:* भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन राज्य-आधारित विकास, निवेश के अवसरों और वैश्विक बाजारों के साथ भारत की विस्तारित होती वस्त्र व्यापार साझेदारियों पर विशेष जोर दिया गया। दिनभर आयोजित कार्यक्रमों में राज्य सरकारों, नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और व्यापार विशेषज्ञों ने विनिर्माण को सुदृढ़ करने, निवेश आकर्षित करने तथा भारत के वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। 14 से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित किए जा रहे भारत टेक्स 2026 ने भारत की समृद्ध वस्त्र विरासत, विनिर्माण क्षमताओं, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मंच प्रदान किया।
दिन के प्रमुख आकर्षणों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य सत्र शामिल रहा। सत्र में राज्य के तेजी से विकसित होते वस्त्र पारिस्थितिकी तंत्र तथा विनिर्माण, परिधान, हथकरघा, हस्तशिल्प और मूल्य शृंखला के अन्य क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री श्री राकेश सचान और स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री श्री रविन्द्र जायसवाल इस सत्र से जुड़े प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में शामिल रहे।
कार्यक्रम में कर्नाटक सरकार द्वारा आयोजित कर्नाटक राज्य सत्र भी शामिल रहा। इस सत्र ने वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में कर्नाटक की क्षमताओं, उसके सुदृढ़ औद्योगिक आधार तथा अपने विनिर्माण और सोर्सिंग परिचालनों का विस्तार करने के इच्छुक उद्यमों के लिए उपलब्ध अवसरों को रेखांकित करने का मंच प्रदान किया।
महाराष्ट्र सरकार ने “महाराष्ट्र: भारत में तकनीकी वस्त्रों के लिए एक आकर्षक वैश्विक गंतव्य” विषय पर राज्य सत्र आयोजित किया। महाराष्ट्र सरकार के वस्त्र मंत्री श्री संजय सावकारे इस सत्र से जुड़े प्रमुख गणमान्य व्यक्ति रहे। चर्चा के दौरान तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में महाराष्ट्र की संभावनाओं तथा प्रौद्योगिकी-आधारित विनिर्माण और निवेश के एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में राज्य की स्थिति को प्रदर्शित किया गया। सत्र में भारत के औद्योगिक विकास को गति देने में उच्च प्रदर्शन वाले और विशिष्ट वस्त्र उत्पादों के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित किया गया।
वैश्विक व्यापार और मुक्त व्यापार समझौते भी दूसरे दिन के कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। आईटीएमएफ और एसोचैम द्वारा आयोजित “तालमेल के माध्यम से विस्तार: वैश्विक वस्त्र मूल्य शृंखलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्थानीय क्षमताओं का निर्माण” विषयक सत्र में घरेलू क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने और भारतीय उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय वस्त्र मूल्य शृंखलाओं से अधिक प्रभावी रूप से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
डेलॉयट द्वारा आयोजित “भारत का एफटीए अवसर: वस्त्र मूल्य शृंखलाओं, बाजार पहुंच और सोर्सिंग संबंधी निर्णयों का प्रवेश द्वार” विषयक गोलमेज बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि भारत के मुक्त व्यापार समझौते वस्त्र एवं परिधान निर्माताओं, निर्यातकों और सोर्सिंग संगठनों के लिए किस प्रकार नए अवसर पैदा कर सकते हैं। चर्चा में बदलते वैश्विक व्यापार परिवेश के बीच बेहतर बाजार पहुंच, सुदृढ़ मूल्य-शृंखला एकीकरण और सूझ-बूझ पर आधारित सोर्सिंग निर्णयों पर विशेष जोर दिया गया। प्रख्यात भारतीय फैशन डिजाइनर राहुल मिश्रा और वैशाली शाडांगुले ने भारत टेक्स में आयोजित “इंडियन ब्रांड्स, ग्लोबल एम्बिशन्स: रीडिफाइनिंग रिटेल ग्रोथ बियॉन्ड बॉर्डर्स” विषयक विशेष सत्र में सहभागिता की। इसके अतिरिक्त, एनआईएफटी (NIFT) द्वारा “भारत से वैश्विक फैशन उद्यमों का निर्माण: नवाचार, स्थिरता और विस्तार विषय पर एक विशेष संवाद का भी आयोजन किया गया।
डेलॉयट द्वारा आयोजित “भारत-ब्रिटेन सीईटीए का क्रियान्वयन: वस्त्र व्यापार और निवेश के भविष्य को आकार देना” विषयक मंत्रिस्तरीय चर्चा ने दिन के अंतरराष्ट्रीय व्यापार एजेंडे को और मजबूती प्रदान की। सत्र में भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से उत्पन्न अवसरों और दोनों देशों के बीच वस्त्र व्यापार, निवेश तथा व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने की इसकी क्षमता पर विचार किया गया।
हार्टलैंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित “चीन से आगे: वैश्विक बाजारों के लिए शुल्क-सुरक्षित, अनुपालन-आधारित और पता लगाने योग्य हेम्प आपूर्ति शृंखलाओं का निर्माण” विषयक सत्र में विविधतापूर्ण और विश्वसनीय आपूर्ति शृंखलाओं की आवश्यकता पर चर्चा की गई। सत्र में भारतीय व्यवसायों को अधिक विश्वास के साथ वैश्विक बाजारों की सेवा करने में सक्षम बनाने के लिए शुल्क संबंधी तैयारियों, अनुपालन और पता लगाने की क्षमता के महत्व को रेखांकित किया गया।
इसके अतिरिक्त, सीआईटीआई टेक्सटाइल सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन भी किया गया। इन पुरस्कारों के माध्यम से सात प्रमुख क्षेत्रों में जिम्मेदार व्यावसायिक प्रक्रियाओं को मान्यता दी गई। इनमें संसाधन दक्षता, ऊर्जा एवं उत्सर्जन, चक्रीय अर्थव्यवस्था, सतत सामग्री, सामाजिक उत्तरदायित्व, जिम्मेदार व्यवसाय और उद्योग सहयोग शामिल हैं।
इन केंद्रित आयोजनों के माध्यम से भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन प्रतिस्पर्धी वस्त्र पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में राज्य सरकारों की भूमिका को सुदृढ़ किया गया। साथ ही, वैश्विक बाजारों के साथ भारत के जुड़ाव को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। चर्चाओं ने निवेश को प्रोत्साहित किया, घरेलू क्षमताओं को मजबूत बनाया और भारतीय वस्त्र उद्यमों को उभरते व्यापार अवसरों के प्रभावी उपयोग की संभावनाएं तलाशने में सहायता प्रदान की। मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भारत टेक्स 2026 के तीसरे दिन मध्य प्रदेश पवेलियन का दौरा करेंगे, जहाँ वे प्रदर्शकों से संवाद करेंगे, उद्यमियों का उत्साहवर्धन करेंगे तथा राज्य की निरंतर विकसित हो रही वस्त्र क्षमताओं और उपलब्धियों का अवलोकन करेंगे।
भारत टेक्स 2026 ने भारत की संपूर्ण वस्त्र मूल्य शृंखला को एक साझा मंच पर लाने का क्रम जारी रखा। इस मंच ने सरकारों, उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ताओं, निर्माताओं, निर्यातकों, खरीदारों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के बीच संवाद को प्रोत्साहित किया। दिनभर आयोजित राज्य और एफटीए-केंद्रित सत्रों ने वैश्विक रूप से जुड़ा, निवेश के लिए तैयार और भविष्य-केंद्रित वस्त्र क्षेत्र विकसित करने की भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

