अक्षय तृतीया के पावन पर्व गुरुकुल में किया गया पूजन एवं यज्ञ।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 36 में महर्षि पाणिनि वेद वेदांग विद्यापीठ गुरुकुल में अक्षय तृतीया के पावन पर पर देवताओं का पूजन कर यज्ञ एवं कथा का आयोजन किया गया।
गुरुकुल के नवनिर्मित भवन में आयोजित हुए कार्यक्रम में प्रातः काल में बुटकों ने गणेश अंबिका पूजन कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया।
गुरुकुल के संस्थापक आचार्य रविकांत दीक्षित जी ने अक्षय तृतीया के महत्व को बताया कि भारतीय संस्कृति में इस तिथि की स्वयं सिद्ध मुहूर्त में गणना की जाती है। साथ ही साथ इस दिन को दशावतार में गणित भगवान परशुराम जी की जयंती के रूप में भी मनाते हैं। स्थिति में किए गए दान पुण्य का विशेष महत्व है। गुरुकुल परिवार एवं समस्त सज्जनों का अभिवादन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार हेतु महर्षि पाणिनि वेद-वेदांग विद्यापीठ गुरुकुल का संचालन विगत 14 वर्षों से अस्थाई भूखंड पर किया जा रहा है। भवन निर्माण को लेकर उन्होंने आग्रह किया कि गुरुकुल का भवन निर्माण यज्ञ पूर्णाहुति की ओर अग्रसर है, लेकिन आप सभी के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आप सभी का गुरुकुल परिवार आसान करता है कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण में आप यथा योग्य सहयोग बनाए रखें।
इस अवसर पर शहर के गणमान्य एवं विद्वान आचार्यों तथा बटुकों के साथ गुरुकुल संचालन समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा जी एवं निर्माण समिति के अध्यक्ष श्री रविशंकर शर्मा जी सब परिवार यजमान के रूप में उपस्थित हुए।
पूजन के उपरांत विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्री बीपी नवानी, श्री एसएस शुक्ला जी, सहसराम त्रिपाठी जी, ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, श्री राकेश शर्मा, विनीत पांडेय, रोहित हूण एवं गुरुकुल संस्था से जुड़े सभी सदस्य उपस्थित रहे।

