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श्री कृष्ण ने छोटी उंगली पर उठा लिया गोवर्धन पर्वत* एकल श्रीहरि बनवासी फाउंडेशन के अंतर्गत श्री मद भागवत कथा के पंचम दिवस

*श्री कृष्ण ने छोटी उंगली पर उठा लिया गोवर्धन पर्वत*

एकल श्रीहरि बनवासी फाउंडेशन के अंतर्गत श्री मद भागवत कथा के पंचम दिवस आज दिनाक 1 सितंबर 2025 को श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ कथा व्यास साध्वी प्रीति पाराशर जी द्वारा शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक श्री पीपल महादेव मन्दिर डेल्टा 1 में किया गया ।

भागवत कथा में आज पूतना उद्धार, नामकरण संस्कार,बाल लीला, गौचरण लीला, गोवर्धन पूजा का वर्णन किया गया ।

नामकरण संस्कार वह चरण है जिस पर किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को आधिकारिक तौर पर एक नाम दिया जाता है। इस प्रथा के तरीके संस्कृतियों और धर्मों के अनुसार अलग-अलग होते हैं। नाम रखने का समय जन्म के कुछ दिनों से लेकर कई महीनों या कई वर्षों तक भिन्न हो सकता है।

भगवान श्री कृष्ण ने गौ-चारण लीला आरम्भ की थी। गोपाष्टमी पूजन विधि. इस दिन बछड़े सहित गाय का पूजन करने का विधान है।

गोवर्धन पूजा की कहानी यह है कि जब इंद्र देव ने क्रोध में आकर ब्रज में भारी वर्षा की, तो भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों और जानवरों की रक्षा के लिए अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर उन्हें मूसलाधार बारिश से बचाया था. सात दिन तक पर्वत उठाए रखने के बाद, इंद्रदेव को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने क्षमा मांगी. इसके बाद, भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को नीचे रखा और सभी ब्रजवासियों को हर साल गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का आदेश दिया,

भागवत कथा में आज के यजमान अनुज सिंघल, कंचन कुमार , प्रमोद भाटी , सीमा बंसल , अंजू पुंडीर, अतुल गर्ग , ओमप्रकाश पूनम अग्रवाल, बबीता बंसल , सरोज तोमर , सरोज अरोड़ा, ममता सिंह , साधना , रश्मि अरोड़ा, अर्चना वशिष्ट, आदि उपस्थित रहे ।

धन्यवाद

मुकुल गोयल

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