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हस्तशिल्प एक्सपो (आर्टिफैक्ट्स)-2026 का द्वितीय संस्करण* *ट्रेड फेसीलिटेशन सेंटर (टीएफसी), बोरानाडा, जोधपुर (राजस्थान)* *15 से 19 जनवरी 2026*

 

*हस्तशिल्प एक्सपो (आर्टिफैक्ट्स)-2026 का द्वितीय संस्करण*
*ट्रेड फेसीलिटेशन सेंटर (टीएफसी), बोरानाडा, जोधपुर (राजस्थान)*
*15 से 19 जनवरी 2026*

*जोधपुर में मनाया जाएगा “द मैजिक ऑफ़ गिफ्टेड हैंड्स” का जादू*

*आर्टिफैक्ट्स-2026, हस्तशिल्प के लिए घरेलू बाज़ार तक पहुँच को देगा मजबूती*

*जोधपुर, राजस्थान | 13 जनवरी 2026:* हस्तशिल्प एक्सपो (आर्टिफैक्ट्स)-2026 के द्वितीय संस्करण का शुभारंभ 15 जनवरी 2026 से होने जा रहा है। इसके मद्देनज़र ईपीसीएच ट्रेड फेसीलिटेशन सेंटर (टीएफसी), बोरानाडा, जोधपुर में 15 से 19 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस भव्य पाँच दिवसीय आयोजन की अंतिम तैयारियाँ पूरी गति से चल रही हैं। यह आयोजन एक व्यवसाय तैयार करने के उद्देश्य से क्यूरेट किया गया है, जो भारत की शिल्प परंपराओं की गहराई, प्रामाणिकता और सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव भी मनाएगा। यह कार्यक्रम “द मैजिक ऑफ़ गिफ्टेड हैंड्स” के अनुरूप है, जो हर आर्टिफैक्ट के पीछे छिपी कलात्मकता को उजागर करती है।

पहले संस्करण की उल्लेखनीय सफलता के बाद, जिससे बड़े पैमाने पर व्यावसायिक पूछताछ हुई और जोधपुर को राजस्थान की हस्तशिल्प राजधानी के रूप में स्थापित किया, हस्तशिल्प एक्सपो (आर्टिफैक्ट्स)-2026 का द्वितीय संस्करण का आयोजन 15 से 19 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। यह पाँच दिवसीय बी2सी और बी2बी आयोजन देशभर के 100 से अधिक निर्माताओं/निर्यातकों की भागीदारी के साथ आयोजित होगा। एक्सपो में बड़ी संख्या में ट्रेड विज़िटर जैसे घरेलू वॉल्यूम खरीदार, सोर्सिंग एजेंट्स, रिटेल चेन, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, इंटीरियर डिज़ाइनर्स, होटल व्यवसायी तथा आर्किटेक्ट्स के आने की संभावना है, जो प्रामाणिक, निर्यात-गुणवत्ता वाले भारतीय हस्तनिर्मित उत्पादों की तलाश में होंगे। इससे एक ओर बड़े ऑर्डर बुकिंग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्पॉट रिटेल बिक्री भी होगी।

इस अवसर पर ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, ने कहा कि “यह एक्सपो भारत की हस्तनिर्मित उत्कृष्टता के पीछे मौजूद लोगों और उनकी कहानियों को सामने लाने के लिए है। एक्सपो में मौजूद हर आर्टिफैक्ट परंपराओं की निरंतरता, साधना से निखरी दक्षता, पुरखों की बुद्धिमत्ता से जन्मी सृजनात्मकता और पीढ़ियों से चली आ रही कारीगर समुदायों की दृढ़ता की कहानी कहता है।”

डॉ. खन्ना ने आगे कहा, “आर्टिफैक्ट्स-2026 शिल्प और व्यापार के एक उच्च प्रभावी संगम के रूप में तैयार किया गया है, जो निर्माताओं, शिल्प क्लस्टरों और रचनात्मक उद्यमों को एक ही छत के नीचे लाता है। यह एक ऐसा बाज़ार मंच है जहाँ कहानियाँ भी कहे जाती हैं, कौशल को सम्मान मिलता है और कारीगरों को उन ट्रेड विज़िटर्स से सीधे जोड़ा जाता है जो हस्तनिर्मित प्रामाणिकता को समझते और सराहते हैं, जबकि खरीदार भारत की विरासत और डिज़ाइन परंपरा को दर्शाने वाली विविध शिल्प कथाओं और उत्पाद श्रेणियों का अनुभव कर पाते हैं।”

महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि “यह पहल ईपीसीएच के प्रमुख निर्यात मंचों को क्षेत्रीय आधार पर आयोजित शो के माध्यम से उत्पादकों के लिए अतिरिक्त मार्केट चैनल बनाकर पूरक करती है।” उन्होंने आगे बताया कि जोधपुर जो पहले से ही एक स्थापित सोर्सिंग बेस है आर्टिफैक्ट्स-2026 का उद्देश्य निर्माताओं को एक तैयार बाज़ार उपलब्ध कराकर भारत में अपनी पहुँच बढ़ाने, संस्थागत/ऑनलाइन/रिटेल खरीद सेगमेंट्स में ब्रांड दृश्यता मजबूत करने और निर्यात-गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित उत्पादों के लिए घरेलू मांग-सम्बन्ध (डिमांड लिंकेंज) सुदृढ़ करने में सहायता करना है।

ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने कहा, “यह एक्सपो भारत के प्रमुख शिल्प क्लस्टरों की असाधारण विविधता को प्रदर्शित करेगा। इसमें एक्सेंट फर्नीचर, होम डेकोर, ज्वेलरी, मार्बल डेकोर, हाथ से गूंथे रग्स एवं कार्पेट्स, एथनिक टेक्सटाइल्स, किचन एक्सेसरीज, लैंप/लाइटिंग, गिफ्टवेयर और लाइफस्टाइल उत्पाद शामिल होंगे। मोरादाबाद, भदोही, आगरा, जयपुर, सहारनपुर, संभल, दिल्ली, हरियाणा आदि के अग्रणी निर्माता अपनी विशिष्ट कारीगरी संग्रहणियों के साथ भाग लेंगे, जो भारतीय हस्तनिर्मित उत्कृष्टता के संपूर्ण परिदृश्य का प्रतिनिधित्व करती हैं।”

एक्सपो के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए श्री निर्मल भंडारी, सदस्य, सीओए, ईपीसीएच ने कहा, “जोधपुर का ट्रेड फेसीलिटेशन सेंटर ऐसे मेले के लिए आदर्श स्थल है जो व्यावसायिक अवसर और सांस्कृतिक उत्सव—दोनों का संगम करता है। इस वर्ष आर्टिफैक्ट्स एक्सपो में समृद्ध सांस्कृतिक कैलेंडर शामिल है, जिसमें प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्याएँ—राजस्थानी लोक नृत्य, लाइव संगीत प्रस्तुतियाँ, तथा हस्तनिर्मित वस्त्र, आभूषण एवं एक्सेसरीज़ को स्टाइल कर प्रस्तुत करने वाला भव्य फैशन शो आयोजित किए जाएंगे, जिससे विज़िटर्स का ठहराव समय बढ़ेगा और वे पुनः भी आएँगे। एक समर्पित फूड कोर्ट में प्रामाणिक व्यंजन एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी, जो विज़िटर अनुभव को और समृद्ध करेगी।”

आयोजन के पीछे संस्थागत सहयोग को रेखांकित करते हुए ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने कहा, “हम भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के निरंतर सहयोग और रणनीतिक मार्गदर्शन के लिए अत्यंत आभारी हैं, जिसके फलस्वरूप हस्तशिल्प एक्सपो (आर्टिफैक्ट्स)-2026 का द्वितीय संस्करण साकार हो पाया है।” श्री रावत ने आगे बताया, “इस एक्सपो को डिजिटल, प्रिंट, रेडियो और आउटडोर माध्यमों पर बड़े पैमाने की प्रचार गतिविधियों से समर्थन प्राप्त है और हमें अपेक्षा है कि यह अब तक का सबसे मजबूत संस्करण होगा, जिसमें देशभर से ट्रेड विज़िटर, घरेलू वॉल्यूम खरीदार तथा बाइंग एवं सोर्सिंग कंसल्टेंट्स आएँगे जो सांस्कृतिक आत्मा से जुड़े प्रामाणिक, हस्तनिर्मित उत्पादों की तलाश में होंगे।”

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद देश से हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने और देश के शिल्प क्लस्टर्स में होम, लाइफस्टाइल, टेक्सटाइल, फर्नीचर और फैशन ज्वेलरी एवं एक्सेसरीज के उत्पादन में लगे लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के हुनरमंद हाथों के जादू की ब्रांड इमेज बनाने के लिए एक नोडल संस्था है | साल 2024-25 के दौरान कुल हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा | ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि साल 2024-25 के दौरान राजस्थान से हस्तशिल्प का निर्यात 6414.19 करोड़ रुपये था, इस निर्यात में जोधपुर का हिस्सा 50.19% रहा |
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*अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:*
श्री राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच
+91-9810423612

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