बाराही मेला-2026: कालू इंदौर व राधा चौधरी एंड पार्टी की रागनियों ने
बांधा समा, नृत्य प्रस्तुतियों ने बढ़ाया उत्साह
सूरजपुर, 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार):
प्राचीन एवं ऐतिहासिक बाराही मेला-2026 के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक
संध्या में कालू इंदौर व राधा चौधरी एंड पार्टी के कलाकारों ने अपनी
शानदार प्रस्तुतियों से मेला प्रांगण को सुरों और लोक रंगों से सराबोर कर
दिया। एक से बढ़कर एक रागनियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे
वातावरण में उत्साह का संचार हुआ।
कालू इंदौर और राधा चौधरी की लोकप्रिय जोड़ी ने ‘रूप बसंत’ के किस्से पर
आधारित रागनी की प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों का दिल जीत
लिया। उनकी सधी हुई गायकी और संवाद शैली ने मंच पर ऐसा समां बांधा कि
श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे।
इसी क्रम में कलाकार जोड़ी ने ‘रानी पद्मावती’ के किस्से से प्रेरित
सवाल-जवाब शैली की रागनी प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया।
इस प्रस्तुति में लोक परंपरा, भावनात्मक अभिव्यक्ति और कला का अद्भुत
संगम देखने को मिला, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा।
इसके अतिरिक्त राधा चौधरी ने ‘बागडो-बागडी’ के किस्से पर आधारित चटकीली
रागनी प्रस्तुत कर माहौल को और भी रंगीन बना दिया। उनकी प्रस्तुति में
हास्य, व्यंग्य और लोक शैली की झलक ने दर्शकों को खूब आनंदित किया और
तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही।
कार्यक्रम में पायल चौधरी और छाया चौधरी ने अपने मनमोहक नृत्य की
प्रस्तुति से माहौल में नई ऊर्जा भर दी। उनके जीवंत और आकर्षक प्रदर्शन
ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया और मेला प्रांगण तालियों की गूंज
से गूंज उठा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में किसान यूनियन अजगर शक्ति के राष्ट्रीय
प्रवक्ता नीरज सरपंच (नवादा) अपने सहयोगियों विवेक कसाना और धर्मी भाटी
के साथ उपस्थित रहे। शिव मंदिर सेवा समिति द्वारा सभी अतिथियों का
माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर भव्य स्वागत किया गया।
नीरज सरपंच (नवादा) ने अपने संबोधन में बाराही मेले के ऐतिहासिक एवं
सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिव मंदिर सेवा समिति का आभार
व्यक्त किया। उन्होंने प्रकृति और संस्कृति को संजोए रखने का संदेश देते
हुए कहा कि “प्रकृति का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। जितना पौधारोपण जरूरी
है, उतना ही उनका संरक्षण और देखभाल भी अनिवार्य है।”
इसी क्रम में शिव मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मपाल भाटी (प्रधान),
महासचिव ओमवीर बैसला और कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल ने बाराही मेले के
ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
बाराही मेला सूरजपुर में प्राचीनकाल से निरंतर आयोजित होता आ रहा है और
समिति द्वारा इसे और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मान्यताओं के अनुसार यह स्थल रावण के दादा पुलस्त्य
मुनि का तपोवन रहा है, वहीं रावण के पिता विश्रवा ऋषि ने भी यहां तपस्या
की थी। इस शिव शक्तिपीठ में भगवान वराह और माता बाराही के दर्शन होने की
मान्यता है। उन्होंने यह भी बताया कि रावण का जन्मस्थान बिसरख गांव यहां
से लगभग 3-4 किलोमीटर दूरी पर स्थित माना जाता है।
उन्होंने आगे बताया कि कासना से सूरजपुर तक कभी नौलखा बाग हुआ करता था,
जहां कासना की रानी सती निहाल दे झूला झूलने आती थीं और इसी सरोवर में
स्नान भी करती थीं। बाराही मेले का यह सरोवर ऐतिहासिक एवं चमत्कारिक माना
जाता है, जहां स्नान करने से चर्म रोग तक दूर होने की मान्यता है। इसी
कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां स्नान करने आते हैं।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुसार सूरजपुर से कासना और दनकौर तक लगभग
12 कोस तक दलदली क्षेत्र हुआ करता था। यह क्षेत्र आल्हा-ऊदल की कर्मस्थली
के रूप में भी प्रसिद्ध है, जहां कई ऐतिहासिक युद्ध हुए। कहा जाता है कि
इन युद्धों में इतना रक्तपात हुआ कि खून के नाले बह निकले। सूरजपुर और
देवला के बीच स्थित ‘लोहिया खार’ को पहले ‘लहूईया खार’ के नाम से जाना
जाता था।
कार्यक्रम में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनिल भाटी की टीम से गौरव बैसला
और निशांत सहित अन्य कलाकार भी पहुंचे, जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से
दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिव मंदिर सेवा समिति द्वारा इन सभी
कलाकारों का भी माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय वीर गुर्जर सेना के राष्ट्रीय
अध्यक्ष सोनू गुर्जर सहित अनेक महिला पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी भी
कार्यक्रम में शामिल हुए। सोनू गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि गुर्जर
समाज एक बहादुर कौम रही है, जिसका देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान
रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को संवारने में गुर्जर समाज आज
भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है और समाज निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़
रहा है।
इसके साथ ही शिव मंदिर सेवा समिति के समर्पित कार्यकर्ताओं, जिन्होंने
मेले की व्यवस्थाओं में सराहनीय योगदान दिया, उन्हें भी सम्मानित किया
गया। इनमें धर्मवीर तंवर, भीम खारी, तोलाराम, राजपाल भडाना, दीपक भाटी
एडवोकेट, सचिन भाटी, रविंद्र मास्टर, सुनील शर्मा, मूलचंद शर्मा, अजय
शर्मा एडवोकेट, अवनीश सक्सेना, राजवीर शर्मा, हरीश नागर, हरिकिशन, राकेश
भाटी एवं सुभाष शर्मा शामिल रहे। सभी को माल्यार्पण एवं प्रशस्ति पत्र
भेंटकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर शिव मंदिर सेवा समिति के प्रचार मंत्री पवन जिंदल,
उपकोषाध्यक्ष योगेश अग्रवाल, उप प्रचार मंत्री हरिकिशन, सह मीडिया
प्रभारी सुभाष शर्मा (जींस वाले), सदस्य सुनील सैनिक सहित अन्य
कार्यकर्तागण भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सक्रिय
भूमिका निभाई।
मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने जानकारी दी कि दिनांक 12 अप्रैल (रविवार)
को मेले में संतराज नागर, कुमारी सुक्कू राजस्थानी एंड पार्टी के
कलाकार—मित्रपाल भड़ाना, मन्नू चौधरी, सपना स्वामी, मुस्कान बेबी, संतराज
नागर एवं पप्पू—अपनी बेहतरीन रागनियों की प्रस्तुतियां देंगे।
इसी के साथ मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने आह्वान किया कि कार्यक्रम में
पहुंचे कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा लोगों को नशा छोड़ने के लिए
प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को नशाखोरी से पूर्णतः
दूर रहना चाहिए। जो लोग आज संकल्प लेकर नशा छोड़ेंगे, उन्हें आगामी वर्ष
बाराही मेले में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
पूरे आयोजन के दौरान बाराही मेले की सांस्कृतिक गरिमा और लोक परंपराओं की
सुंदर झलक देखने को मिली, जहां कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को
देर रात तक बांधे रखा।
संपर्क सूत्र एवं जारीकर्ता विवरण:
महासचिव: ओमवीर सिंह बैसला – 9811810071
मीडिया प्रभारी: मूलचंद शर्मा – 9312274171
जारी कर्ता:
शिव मंदिर सेवा समिति (पंजी.)
पूर्ण पता:
प्राचीन बाराही मंदिर परिसर, सूरजपुर
पोस्ट – सूरजपुर, तहसील – दादरी
जिला – गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश – 201306
दिनांक: 11 अप्रैल 2026

