*विज्ञान से रंगमंच तक डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी का योगदान प्रेरणादायी : पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र*

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के गौरव, प्रख्यात वैज्ञानिक एवं रंगकर्मी डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी से आशीर्वाद प्राप्त कर पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर डॉ. दिनेश चंद्र ने स्वयं को गौरवान्वित बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. रस्तोगी ने विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के साथ-साथ रंगकर्म, सिनेमा और विशेष रूप से नाट्य विधा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने विभिन्न नाटकों में अनेक पात्रों को जीवंत कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है।
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि उन्हें डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी का आशीर्वाद और स्नेह प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि भारतेंदु नाट्य अकादमी में निदेशक के रूप में कार्य करने के दौरान भी उन्हें डॉ. रस्तोगी का सहयोग और आशीर्वाद मिलता रहा।
उन्होंने हाल ही में फिल्म ‘हनुमान अंश’ में डॉ. रस्तोगी द्वारा निभाए गए किरदार का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका अभिनय अत्यंत मार्मिक और प्रभावशाली है। विशेष रूप से फिल्म में आसक्ति से मुक्त होकर ईश्वर से जुड़ने का जो संदेश दिया गया है, वह अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी है।
डॉ. दिनेश चंद्र ने फिल्म के संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि संदेश यह है कि मनुष्य को किसी भी वस्तु, स्थान, पद, गुरु, माता-पिता अथवा प्रकृति की किसी वस्तु के प्रति अत्यधिक आसक्ति नहीं रखनी चाहिए। यदि व्यक्ति का लक्ष्य सीधे ईश्वर से जुड़ना है तो उसे सांसारिक आसक्तियों से स्वयं को मुक्त करना होगा।
उन्होंने फिल्म के एक महत्वपूर्ण प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब गद्दी संभालने की बात आती है तो पात्र यह सवाल उठाता है कि एक ओर आसक्ति से दूर रहने की शिक्षा दी जा रही है और दूसरी ओर गद्दी संभालने को कहा जा रहा है, जिससे आसक्ति उत्पन्न होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि यही साधु-संतों, ऋषियों और महंतों की साधना का मार्ग है कि वे किसी वस्तु या पद के प्रति आसक्ति नहीं रखते।
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि फिल्म में डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी ने जिस किरदार का निर्वहन किया है, वह केवल अभिनय तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके माध्यम से सनातन जीवन-दर्शन का महत्वपूर्ण संदेश समाज तक पहुंचता है। यह किरदार उस विचारधारा को आगे बढ़ाता है, जहां से सनातन धर्म की नींव मजबूत होती है और उसकी परंपरा पलवित-पुष्पित होती है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के बीच अनेक प्रकार की परेशानियां, विचलन और मानसिक अस्थिरता देखने को मिलती है। ऐसे में फिल्म में दिया गया आसक्ति से मुक्त रहने और ईश्वर से जुड़ने का संदेश युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हो सकता है। यदि युवा इस सूत्र को अपने जीवन में आत्मसात करें तो वे सही दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
पूर्व जिलाधिकारी ने कहा कि सनातन धर्म की संस्कृति, परंपरा और गौरव आज पूरे विश्व में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति और उसकी विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। ऐसे समय में कला, साहित्य, रंगमंच और सिनेमा के माध्यम से भारतीय संस्कृति के मूल संदेश को जन-जन तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है।
अंत में डॉ. दिनेश चंद्र ने डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी को पुनः प्रणाम करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके कला, विज्ञान एवं सांस्कृतिक योगदान की सराहना की।

