*गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और वैश्विक अवसरों की ओर सशक्त कदम” — गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया का किया शुभारंभ*
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने की औपचारिक घोषणा की है। 23 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रमों, नई पहलों, सीटों की उपलब्धता तथा छात्र-केंद्रित योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए अपनी अकादमिक उत्कृष्टता और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। वर्ष 2002 में उत्तर प्रदेश गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय अधिनियम के अंतर्गत स्थापित यह विश्वविद्यालय शांति, करुणा और प्रज्ञा जैसे मूल्यों को अपने शैक्षिक दर्शन के केंद्र में रखता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, डीन अकादमिक प्रो. राजीव वर्शनेय, विभिन्न स्कूलों के डीन तथा कुलसचिव उपस्थित रहे। प्रवेश समिति के अध्यक्ष एवं समन्वयक डॉ. राकेश कुमार श्रीवास्तव एवं उनकी टीम ने प्रवेश प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं—जैसे प्रवेश के माध्यम, कार्यक्रमों की विविधता, शुल्क संरचना और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली—का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। डीन अकादमिक प्रो. वर्शनेय ने नए कार्यक्रमों की प्रासंगिकता, विश्वविद्यालय की शैक्षणिक पहलों, एमओयू और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति और छात्र सफलता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन प्रवेश पुस्तिका के विमोचन और ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के शुभारंभ के साथ हुआ, जिससे आवेदन प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रमुख पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए। कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि “गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, कुशल और नैतिक नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें। सत्र 2026–27 के लिए हमारी नई पहलें छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।” कुलसचिव ने कहा कि “हमने प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, डिजिटल और छात्र-अनुकूल बनाया है। ‘समर्थ’ पोर्टल के माध्यम से आवेदन से लेकर चयन तक की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया गया है।” वहीं प्रवेश समन्वयक डॉ. राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि “इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया को तीन प्रमुख माध्यमों—प्रत्यक्ष प्रवेश, GBU-ET 2026 और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं—के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके।”
सत्र 2026–27 में विश्वविद्यालय आठ स्कूलों के अंतर्गत कुल 152 कार्यक्रमों में प्रवेश प्रदान करेगा, जिनमें कुल 4077 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें 55 स्नातक कार्यक्रमों में 2620 सीटें, 61 स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में 1265 सीटें, 3 डिप्लोमा/प्रमाणपत्र कार्यक्रमों में 70 सीटें, 12 लेटरल एंट्री कार्यक्रमों में 20 से अधिक सीटें तथा 21 पीएच.डी. कार्यक्रमों में 102 सीटें शामिल हैं। यह व्यापक संरचना छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, विधि, सामाजिक विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में विविध अवसर प्रदान करती है।
इस वर्ष विश्वविद्यालय ने पांच नए कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं, जो उद्योग और समाज की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। इनमें मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड के सहयोग से एम.एससी. न्यूक्लियर मेडिसिन (10 सीटें), एम.एससी. जियोस्पेशियल एवं डेटा साइंस (20 सीटें), पुनर्वास परिषद भारत (RCI) द्वारा अनुमोदित एडवांस्ड डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग (25 सीटें), सीबीआरआई रुड़की के सहयोग से पीजी डिप्लोमा इन हेरिटेज रिस्टोरेशन एवं मैनेजमेंट (25 सीटें) तथा जिम इंस्ट्रक्टर एवं जिम मैनेजमेंट में 3 माह का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम (20 सीटें) शामिल हैं। ये कार्यक्रम छात्रों को आधुनिक तकनीक, स्वास्थ्य सेवाओं, विरासत संरक्षण और फिटनेस उद्योग में उभरते अवसरों के लिए तैयार करेंगे।
प्रवेश प्रक्रिया तीन माध्यमों से संचालित की जाएगी—प्रत्यक्ष प्रवेश, विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (GBU-ET 2026) तथा राष्ट्रीय/राज्य स्तर की परीक्षाओं जैसे CUET, CAT, MAT, NATA, CLAT और JEE के माध्यम से। विशेष रूप से, वर्ष 2026–27 से विश्वविद्यालय CUET के साथ सहभागी संस्थान बन गया है, जिसके अंतर्गत 50 प्रतिशत तक सीटें CUET स्कोर के आधार पर भरी जाएंगी।
विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए ‘समर्थ’ पोर्टल को अपनाया है, जिससे आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और चयन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप में संपन्न होगी। मेधावी छात्रों के लिए नई प्रवेश छात्रवृत्ति (NES-A) तथा अकादमिक प्रगति छात्रवृत्ति (NES-AP) की व्यवस्था की गई है। साथ ही, नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा एजुकेशन सोसायटी से संबद्ध विद्यालयों के छात्रों को ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।
शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। AI, IT, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, बायोटेक्नोलॉजी और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में पाठ्यक्रमों को आधुनिक उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण पद्धति में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय भावना को समाहित किया गया है।
विश्वविद्यालय का अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केंद्र बहुविषयक अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र होगा, जो अकादमिक, उद्योग और सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा। इसके अतिरिक्त, ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ योजना के अंतर्गत अनुभवी पेशेवरों को शिक्षण से जोड़ा गया है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके। मोनाश विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से स्थापित ‘टीचिंग एक्सीलेंस अकादमी’ शिक्षण गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगी।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू स्थापित किए हैं, जिनमें CSIR, CBRI, ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी, ITRHD और आयुष एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल शामिल हैं। इन सहयोगों के माध्यम से छात्रों को अनुसंधान, इंटर्नशिप, कौशल विकास और उद्योग अनुभव के व्यापक अवसर प्राप्त होते हैं।
प्लेसमेंट के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान 60 से अधिक कंपनियों ने परिसर में भर्ती अभियान चलाए, जिनमें Accenture, TCS, HDFC Life, Axis Bank, Nagarro और Haier जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इंजीनियरिंग और प्रबंधन के छात्रों का लगभग 80 प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है। AIC-GBU इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से 72 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया गया है, जो विश्वविद्यालय की उद्यमिता संस्कृति को दर्शाता है।
छात्रों को बेहतर प्लेसमेंट सहायता प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय ने Guidix.ai के साथ साझेदारी की है, जिसके अंतर्गत AI आधारित रिज्यूमे निर्माण, जॉब मैचिंग, मॉक इंटरव्यू, स्किल गैप एनालिसिस और प्लेसमेंट रेडीनेस टूल्स उपलब्ध कराए जाएंगे।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है। सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया का शुभारंभ विश्वविद्यालय की इस प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है। इच्छुक छात्र विविध शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश लेकर एक ऐसे संस्थान का हिस्सा बन सकते हैं, जो भविष्य के नेतृत्व, ज्ञान और सामाजिक परिवर्तन के निर्माण के लिए समर्पित है।

