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गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ‘डिजिटल शिक्षण एवं अधिगम’ कार्यशाला का आगाज़

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ‘डिजिटल शिक्षण एवं अधिगम’ कार्यशाला का आगाज़

23 व 24 अप्रैल, 2026 को टीचिंग एक्सीलेंस एकेडमी, उत्तर प्रदेश तथा मोनाश विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘डिजिटल शिक्षण एवं अधिगम को सशक्त बनाना: कक्षा के लिए व्यावहारिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित शिक्षा’ विषयक कार्यशाला का पहला दिन अत्यंत उत्साहवर्धक रहा । यह ध्यातव्य है कि 22 अप्रैल को इस कार्यशाला का भव्य उद्घाटन ऑस्ट्रेलियन हाई कमिशन, नई दिल्ली में किया गया था और 23 अप्रैल को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में कार्यशाला का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमिशन, उत्तर प्रदेश सरकार के सीईओ श्री मनोज कुमार सिंह (आईएएस), कार्यक्रम के अध्यक्ष गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, मुख्य वक्ता फेकल्टी ऑफ एजुकेशन, मोनाश विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता (अंतर्राष्ट्रीय) प्रो. डियाना लिही, प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु मोनाश विश्वविद्यालय के प्रो. गिलियन किडमैन, प्रो. हेजल टेन तथा डॉ. प्रभात राय, कार्यक्रम के समन्वयक मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. माधव गोविन्द रहें ।
इस अवसर पर श्री मनोज कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की शिक्षा-व्यवस्था संबंधी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहला अवसर है कि कोई राज्य डायरेक्ट किसी देश से समझौता किया है, अन्यथा भारत सरकार के माध्यम से कोई समझौता हो पाता है । यह समझौता भारत की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास है । मोनाश विश्वविद्यालय के इस प्रयास से उत्तर भारत के शिक्षकों में अध्यापन की पहले से अधिक निपुणता का विकास हो सकेगा । गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने शिक्षा के विभिन्न पहलूओं पर विचार करते हुए एआई की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और कहा कि यह कार्यशाला मोनाश विश्वविद्यालय के साथ समझौता-ज्ञापन के अंतर्गत पहला कार्यशाला है, भविष्य में ऐसे कई कार्यशालाएँ एवं कार्यक्रम होते रहेंगे । मोनाश विश्वविद्यालय की प्रोफेसर प्रो. डियाना लिही ने प्रशिक्षण और तकनीकि के अंतर्संबंध पर विचार किया ।
इस कार्यशाला में एससीईआरटी के 200 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा है । कार्यशाला के पहले दिन 4 सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें एआई और कोडिंग पर विशेष ज़ोर दिया गया है । प्रतिभागियों ने मोनाश विश्ववविद्यालय के प्राध्यापकगण प्रो. डियाना लिही, प्रो. गिलियन किडमैन, प्रो. हेजल टेन तथा डॉ. प्रभात राय द्वारा दिए गए प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण बताया ।

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