**जीएल बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में तजुर्बा-26 का भव्य आयोजन, 21 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया भाग**
**ग्रेटर नोएडा, :** जीएल बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, ग्रेटर नोएडा द्वारा विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रबंधन कौशल को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से तजुर्बा-26 का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन में 21 महाविद्यालयों के कुल 45 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और अपनी प्रस्तुतियों, विचारों और प्रबंधन संबंधी क्षमताओं के माध्यम से प्रतियोगिता को ज्ञानवर्धक एवं प्रतिस्पर्धात्मक बनाया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञता क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए **समर इंटर्नशिप चैंपियन पुरस्कार विजेताओं** के रूप में खुशबू कुमारी (फाइनेंस ), अभि उदित अग्रवाल (ऑपरेशंस), अभिषेक पांडेय (सप्लाई चैन), सम्यक जैन (डेटा एनालिटिक्स) और कौशिकी शुक्ला (ह्यूमन रिसोर्स ) को सम्मानित किया गया। साथ ही तजुर्बा ’26 के विजेताओं में प्रथम पुरस्कार संपदा समृद्धि (एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा) ने प्राप्त किया, जबकि द्वितीय पुरस्कार संयुक्त रूप से पवन कुमार (जीएलबीआईएमआर, ग्रेटर नोएडा), रक्षिता सिंह (आईटीएस मैनेजमेंट कॉलेज, मोहन नगर) और जय राजू चव्हाण (एलायंस मैनेजमेंट कॉलेज, बेंगलुरु) को प्रदान किया गया।
इस अवसर पर **जी.एल. बजाज शैक्षणिक संस्थान समूह के उपाध्यक्ष श्री पंकज अग्रवाल** ने अपने संदेश में कहा कि तजुर्बा ’26 जैसे मंच विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक व्यावसायिक जगत की चुनौतियों को समझने का अवसर देते हैं और जीएलबीआईएमआर का लक्ष्य ऐसे नेतृत्वकर्ता तैयार करना है जो व्यावहारिक रूप से सक्षम हों।
वहीं **जीएल बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च की निदेशक डॉ. सपना राकेश** ने कहा कि यह आयोजन हमारी इस सोच का प्रतीक है कि प्रबंधन शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, इस मंच के माध्यम से विद्यार्थियों में समस्या-समाधान, विश्लेषणात्मक सोच, संचार कौशल और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों को विकसित होते देखना अत्यंत हर्ष का विषय है।
*तजुर्बा-26* का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक व्यावसायिक एवं प्रबंधकीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने का अवसर देना था, जिसके तहत प्रतिभागियों ने समूह कार्य, रचनात्मकता और निर्णय लेने की क्षमता जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का प्रभावी प्रदर्शन किया। द्वारा इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से कक्षा के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक परिस्थितियों से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, और आयोजन दल, शिक्षकों एवं समन्वयकों के सहयोग से सफल रहे इस कार्यक्रम ने भविष्य में ऐसे और आयोजनों के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

