*”जीएनआईओटी एमबीए कॉलेज में छात्रों ने ली नशामुक्ति की शपथ: ‘विकसित भारत’ अभियान के तहत युवाओं को जागरूक किया गया”*
भारत सरकार के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत नॉलिज पार्क – 2, ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी एमबीए कॉलेज में आइक्यूएसी के तत्वावधान में नशामुक्ति जागरुकता प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया। इस दौरान सभी छात्र-छात्राओं ने नशा न करने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की सामूहिक शपथ ली।
कार्यक्रम की *मुख्य अतिथि श्रीमती बीके सिस्टर ललिता (वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं आध्यात्मिक अध्यापिका – ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय)* ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं! नशा इस ऊर्जा को अंदर से खोखला कर रहा है, जिसे बचाना जरूरी है। नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आध्यात्मिक बल, सकारात्मक सोच और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आप अपने आप को बुरी आदतों व नशामुक्ति से दूर रख सकते हैं। केवल शारीरिक प्रयास नहीं, बल्कि मन की कमजोरी और तनाव को दूर करने के लिए राजयोग ध्यान (Meditation) जरूरी है। गलत संगति और मानसिक खालीपन से बचने के लिए युवाओं को अच्छे विचारों और सामाजिक कार्यों में जुटना चाहिए तथा हर युवा को अपने असली आत्मिक स्वरूप (पवित्रता और शांति) को पहचानकर नशे जैसी बुराइयों से तौबा करनी चाहिए।
संस्थान के *निदेशक डा. अंशुल शर्मा* ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, और नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल व सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी से देश को नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर जीएनआईओटी ग्रुप के *अध्यक्ष डा. राजेश कुमार गुप्ता तथा उपाध्यक्ष श्री गौरव गुप्ता जी* ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का शैक्षणिक विकास ही नहीं, बल्कि उनका नैतिक और सामाजिक विकास भी है।
कार्यक्रम में संस्थान के डीन, विभागाध्यक्ष सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

