उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ तथा शालिनी साहित्य सृजन आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में नगर के प्रतिष्ठित धर्मशाला मारवाड़ी धर्मशाला के सभागार में होली मिलन समारोह एवं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया ।उक्त कार्यक्रम में नारी शक्ति संस्थान की सचिव डॉ पूनम तिवारी को संस्था द्वारा सम्मानित किया गया ।सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के पश्चात मुख्य अतिथि अमित कुमार श्रीवास्तव का स्वागत संस्था के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव दानिश द्वारा किया गया तथा विशिष्ट अतिथि डॉक्टर प्रवेश कुमार सिंह का सम्मान संदीप कुमार राय द्वारा किया गया ।तत्पश्चात कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को दिए शाम तक बांधे रखा। इसी क्रम में दिनेश श्रीवास्तव दानिश ने
इक शहंशाह ने सदियों से पशेमान किया
बाज आ कोई औरंगज़ेब तैयार न कर सुना करके वर्तमान परिस्थितियों पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के संचालक व संस्था के संयोजक विजयेंद्र प्रताप श्रीवास्तव करुण नें
मैं कहता हूं प्रेम का घन जग कहता बादल है
या तो मैं दीवाना हूं या दुनिया पागल है सुना करके श्रोताओं को ओतप्रोत कर दिया ।तत्पश्चात संतोष कुमार पांडेय ने
आ गया मधुमास देखो है धरा मुसका रही,
सुना करके होली के रंग से सबको सराबोर कर दिया ।
शालिनी राय डिंपलनें मैं तो होरी खेलूं रे तोरे संग, लगाओ रंग सांवरे। सुना करके माहौल को होलीमय कर दिया। राकेश कुमार पांडे सागर नें मिटाएँ दूरियां मन की,
चलो इस बार फागुन में।। सुना करके माहौल को रसमय कर दिया। हरिहर पाठक, डॉ आशा सिंह ,कौशलेंद्र राय कौशल, घनश्याम यादव ,अनुपमा राय, आदित्य आदमी, रितेश पांडे ,बृजबाला, इंदू श्रीवास्तव जैसे प्रतिष्ठित कवियों एवं कवित्रियों अपनी रचनाओं के माध्यम से देर शाम तक सबको रसासिक्त करते रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ शशि भूषण प्रशांत ने किया ।इस कार्यक्रम में विशेष रूप से प्रतिभा पाठक, संदीप राय ,ममता राय विनोद शर्मा ,प्रख्यात राय ,विमर्श सिंह, अलका राय इत्यादि श्रोताओं की उपस्थिति सराहनीय रही।