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UPITS 2026 के तीसरे दिन ‘लोकल से ग्लोबल’ की यात्रा को मिली नई गति केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, पीयूष गोयल ने UPITS 2026 में वैश्विक बाजार के अवसरों पर डाला प्रकाश

UPITS 2026 के तीसरे दिन ‘लोकल से ग्लोबल’ की यात्रा को मिली नई गति
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, पीयूष गोयल ने UPITS 2026 में वैश्विक बाजार के अवसरों पर डाला प्रकाश
2,00,000 से अधिक विजिटर्स; 6,700 B2B बैठकों और 1,150 MoUs के साथ कारोबारी गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार
विद्यार्थियों, MSMEs और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने UPITS 2026 के तीसरे दिन को बनाया जीवंत
ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर 2026: चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के तीसरे दिन नीति, व्यापार, वैश्विक बाजार तक पहुंच और उपभोक्ता सहभागिता का उल्लेखनीय संगम देखने को मिला। रविवार होने के कारण इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आगंतुकों की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। प्रदर्शनी हॉल खरीदारों, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों, MSMEs, उद्यमियों, विद्यार्थियों और परिवारों से गुलजार रहे। शाम 5 बजे तक तीसरे दिन 2,00,000 से अधिक आगंतुकों की उपस्थिति दर्ज की गई। UPITS 2026 एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग प्लेटफॉर्म होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की उद्यमशीलता, उत्पादों, खान-पान और संस्कृति के उत्सव के रूप में अपनी बढ़ती लोकप्रियता को लगातार प्रदर्शित कर रहा है।
तीसरे दिन का एक प्रमुख आकर्षण भारत सरकार के माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, श्री पीयूष गोयल की उपस्थिति रही। उन्होंने फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) द्वारा आयोजित “वैश्विक व्यापार वृद्धि के लिए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का लाभ” विषयक नॉलेज सेशन में भाग लिया।
इस सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’; MSME मंत्री, श्री भूपेंद्र चौधरी; MSME राज्यमंत्री श्री हंसराज विश्वकर्मा; MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव श्री शशि भूषण लाल सुशील, IAS; IEML के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार तथा FIEO के महानिदेशक एवं CEO, डॉ. अजय सहाय सहित वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, निर्यात संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सत्र में इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि भारत की तेजी से विस्तृत होती वैश्विक व्यापार साझेदारियों को उत्तर प्रदेश के निर्माताओं, MSMEs और निर्यातकों के लिए वास्तविक बाजार अवसरों में किस प्रकार बदला जा सकता है।
अपने संबोधन में माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, श्री पीयूष गोयल ने भारत के बढ़ते वैश्विक व्यापारिक जुड़ाव और FTAs से भारतीय व्यवसायों के लिए पैदा हो रहे अवसरों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्यातकों और MSMEs से preferential market access को समझने, गुणवत्ता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और भारत के व्यापार समझौतों का लाभ उठाकर नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश के पास विशाल MSME आधार, मजबूत विनिर्माण क्षमता, ODOP इकोसिस्टम और लगातार विस्तृत होता निर्यात पोर्टफोलियो है। उत्तर प्रदेश अब बड़ी आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, बुनियादी ढांचे और उद्योगों का विस्तार राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है। उत्तर प्रदेश के उत्पादों और उद्यमों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाने की अपार क्षमता है। UPITS जैसे मंच राज्य की क्षमताओं और आकांक्षाओं को दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “जैसे-जैसे भारत वैश्विक बाजारों के साथ अपने जुड़ाव का विस्तार कर रहा है, उत्तर प्रदेश के उद्योगों और निर्यातकों के पास देश की निर्यात वृद्धि तथा विकसित भारत की यात्रा में और अधिक महत्वपूर्ण भागीदार बनने का अवसर है।”
सत्र के बाद केंद्रीय मंत्री ने उद्योगपतियों के साथ संवाद किया और ट्रेड फेयर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें UPITS 2026 में प्रदर्शित उत्पादों की विविधता, उद्यमशीलता और विनिर्माण क्षमताओं को करीब से देखने का अवसर मिला। तीसरे दिन के आधिकारिक कार्यक्रम में भी उद्योगपतियों के साथ उनके संवाद के बाद ट्रेड फेयर भ्रमण निर्धारित था।
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने निवेश और निर्यात के लिए उत्तर प्रदेश के तेजी से प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में उभरने पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य में विस्तृत होते औद्योगिक इकोसिस्टम, बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के साथ विनिर्माण, निवेश और निर्यात के लिए अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि UPITS इस परिवर्तन को भारत और दुनिया भर से आए खरीदारों और व्यवसायों के सामने प्रस्तुत कर रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के MSME विभाग के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री भूपेंद्र चौधरी ने विशेष रूप से प्रदेश के MSMEs के लिए FTAs से उत्पन्न होने वाले अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमों, कारीगरों, ODOP उत्पादकों और निर्माताओं को टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटप्लेस और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ना स्थानीय उद्यमों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
FIEO के महानिदेशक एवं CEO, डॉ. अजय सहाय ने कहा, “सरकार निर्यात विविधीकरण को अत्यंत गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। ब्याज समानीकरण, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए कोलेटरल-फ्री ऋण, एक्सपोर्ट क्रेडिट, फैक्टरिंग, टेस्टिंग एवं सर्टिफिकेशन के लिए सहायता, विदेशी बाजारों में वेयरहाउसिंग तथा अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर एवं प्रदर्शनियों में भागीदारी जैसे उपाय भारतीय MSMEs और निर्यातकों के लिए एक मजबूत और सक्षम इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं।”
UPITS के तीसरे दिन व्यापारिक गतिविधियां आयोजन के केंद्र में रहीं। दिनभर में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और भाग लेने वाले प्रदर्शकों के बीच 6,700 B2B बैठकें आयोजित की गईं। इसके साथ ही 1,150 MoUs/व्यावसायिक समझौते संपन्न हुए, जिनका अनुमानित कारोबारी मूल्य लगभग ₹2,000 करोड़ रहा। खरीदारों के साथ संवाद का लगातार व्यावसायिक पूछताछ, समझौतों और संभावित ऑर्डरों में बदलना UPITS के एक पारंपरिक प्रदर्शनी से आगे बढ़कर परिणामोन्मुखी सोर्सिंग और बिजनेस-कन्वर्जन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित होने को दर्शाता है—एक ऐसा मंच जहां उत्तर प्रदेश के निर्माता वैश्विक मांग से सीधे जुड़ सकते हैं और किसी स्थानीय उद्यम तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार के बीच दूरी बाधा नहीं बनती।
व्यापारिक विमर्श विभिन्न नॉलेज सेशंस के माध्यम से दिनभर जारी रहा। MSME और Expo Bazaar के संयुक्त सत्र “MSMEs, ODOP और निर्यातकों के लिए ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केट एक्सेस एवं सप्लाई चेन सॉल्यूशंस” में Shiprocket International, Kejriwal Bee Care, Thinkthrough और Expo Bazaar के विशेषज्ञों ने भाग लिया। सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री भूपेंद्र चौधरी उपस्थित रहे। चर्चा का केंद्र यह रहा कि छोटे उद्यम टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल मार्केटप्लेस का उपयोग कर भौगोलिक सीमाओं से आगे अपने कारोबार का विस्तार कैसे कर सकते हैं।
Export Promotion Council for Handicrafts (EPCH) ने “भारत के वुडक्राफ्ट सेक्टर के लिए टिम्बर लीगैलिटी, सस्टेनेबल सोर्सिंग एवं ग्लोबल मार्केट एक्सेस” विषय पर आयोजित सत्र के माध्यम से सस्टेनेबिलिटी से जुड़े विमर्श को आगे बढ़ाया। इसमें भारत के पारंपरिक वुडक्राफ्ट उद्योग के लिए जिम्मेदार सोर्सिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। IEML की CSR पहल E-Nurture के अंतर्गत आयोजित एक अन्य सत्र “कारीगरों, बुनकरों और लघु-मध्यम उद्यमों के लिए माइक्रो ब्रांड बिल्डिंग” पर केंद्रित रहा, जिसमें जमीनी स्तर के उद्यमों के विकास के लिए ब्रांडिंग और प्रभावी मार्केट पोजिशनिंग को महत्वपूर्ण बताया गया।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष विभाग द्वारा “भारत की प्राचीन स्वास्थ्य प्रणाली: पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक अनुसंधान एवं वैश्विक वेलनेस अवसर” विषय पर सत्र आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में आयुष विभाग के माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र उपस्थित रहे। सत्र ने भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान प्रणाली को आधुनिक अनुसंधान और तेजी से विस्तृत होती वैश्विक वेलनेस अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
ODOC हॉल नंबर 16 में आयोजित सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी की मास्टर क्लास आगंतुकों और प्रदर्शकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रही। अपने विशिष्ट अंदाज़ में शेफ सोखी ने अपने पाक-कौशल, व्यंजनों की बारीकियों और समृद्ध पाक अनुभव का जीवंत प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित दर्शकों और प्रतिभागियों ने खूब सराहा। मास्टर क्लास को मिली शानदार प्रतिक्रिया ने UPITS 2026 में ODOC के स्वाद, परंपरा और पाक-विरासत के अनुभव को और भी खास बना दिया।
UPITS 2026 के तीसरे दिन विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन में युवा ऊर्जा और रचनात्मकता का संचार किया। जागरूकता, अभिव्यक्ति, सृजनात्मकता और टीमवर्क पर केंद्रित कई गतिविधियां आयोजित की गईं। Art & Culture–I: Cyber Security & Road Safety के सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) श्री यू. एन. पांडेय तथा अपर पुलिस आयुक्त (ADCP) श्री अजय कुमार के साथ संवाद किया और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार तथा साइबर जागरूकता से जुड़ी व्यावहारिक जानकारियां प्राप्त कीं। Grads International School और Jaypee Public School, Greater Noida के विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इसके बाद Art & Culture–II, MIME और Battle of Bands का आयोजन हुआ, जिसमें Sparsh International School और Delhi Public School के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन गतिविधियों ने युवा प्रतिभागियों को कला, अभिनय, अभिव्यक्ति और संगीत के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत करने का जीवंत मंच प्रदान किया।
दिनभर चले व्यावसायिक संवादों के बाद शाम को संगीत और नृत्य के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जीवंत हो उठी। तीसरे दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत पं. रवि शंकर उपाध्याय और पं. ऋषि शंकर उपाध्याय की पखावज जुगलबंदी से हुई। इसके बाद रायबरेली की सुश्री शीलू सिंह राजपूत द्वारा आल्हा गायन, झांसी की सुश्री वंदना कुशवाहा द्वारा राई लोकनृत्य, नोएडा की सुश्री प्रियंवदा सिंह द्वारा कथक तथा सहारनपुर की रंजना नेब द्वारा नृत्य प्रस्तुति दी गई। सांस्कृतिक संध्या का समापन नोएडा के सर्वत्र बैंड की प्रस्तुति के साथ हुआ।
सांस्कृतिक संध्या ने दिनभर चली उच्चस्तरीय व्यापारिक चर्चाओं को एक खूबसूरत सांस्कृतिक आयाम दिया। इसने एक बार फिर दर्शाया कि UPITS केवल यह प्रदर्शित नहीं करता कि उत्तर प्रदेश क्या बनाता और निर्यात करता है, बल्कि उन परंपराओं, कलात्मक अभिव्यक्तियों और सांस्कृतिक विरासत को भी दुनिया के सामने लाता है, जो प्रदेश को उसकी विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। 29 सितंबर 2026 तक अभी दो दिन शेष हैं, और चौथा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो देश-विदेश के खरीदारों, व्यवसायों और आगंतुकों को उस प्रदेश की व्यापकता, विविधता और सोर्सिंग क्षमता को जानने के लिए आमंत्रित कर रहा है, जो वैश्विक व्यापार मानचित्र पर लगातार अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।

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